राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती में सैकड़ों मुस्लिम युवाओं का चयन, बेटियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय | New India Times

अशफ़ाक कायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती में सैकड़ों मुस्लिम युवाओं का चयन, बेटियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय | New India Times

राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा के परिणाम में शेखावाटी क्षेत्र और डीडवाना जिले सहित विभिन्न इलाकों से सैकड़ों मुस्लिम युवाओं का चयन हुआ है। इस सफलता से क्षेत्र में सरकारी सेवा के प्रति युवाओं का रुझान फिर से बढ़ता दिखाई दे रहा है।

राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती में सैकड़ों मुस्लिम युवाओं का चयन, बेटियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय | New India Times

गौरतलब है कि पिछले महीने आर्मी, नेवी और वायुसेना में अग्निवीर के रूप में भी बड़ी संख्या में युवाओं के चयन से उत्साह का माहौल बना था, जिसे अब इस भर्ती परिणाम ने और मजबूती दी है। खास बात यह रही कि चयनित अभ्यर्थियों में बेटियों की भागीदारी भी अच्छी संख्या में दर्ज की गई है, जो सामाजिक बदलाव का सकारात्मक संकेत है।
शेखावाटी और डीडवाना क्षेत्र से हाल के वर्षों में डॉक्टर और इंजीनियर बनने वाले युवाओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही शिक्षक, पटवारी और अन्य सेवाओं में भी प्रतिनिधित्व बढ़ा है। हालांकि, राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS), भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और न्यायिक सेवाओं में अब भी इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सीमित नजर आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को इन उच्च सेवाओं में भागीदारी बढ़ाने के लिए गंभीरता से प्रयास करने होंगे।

राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती में सैकड़ों मुस्लिम युवाओं का चयन, बेटियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय | New India Times

चयनित अभ्यर्थियों में प्रमुख नाम
मकसूद खान (बड़ी छापरी), अनीस खान (धनकोली), सदाम खान (बेरी), इशाक खान (बेरी), उस्मान खान (बेरी), रहीस खान (कुडली), असलम खान (दाऊदसर), रिजवान खान (धनकोली), हसीना (कुचेरा), अरमान खान (छोटी छापरी), अली खान (छावटा), अशफाक खान (नावा), यूनुस खान (नावा), मंजूर खान (कुचेरा), अकरम खान (आसलसर), अरबाज खान (शुभडंड), शाहरुख खान (झुंझुनूं), शाहीन फिजा (दाऊदसर), इरफान खान (सोती), खलील खान (भींचरी), जाहीद खान (बेसवा), परवेज खान (मावा), आसिफ खान (हामुसर), जावेद खान (झुंझुनूं), शाहिद खान (चूरू), दिलशाद खान (कुचेरा) सहित अन्य शामिल हैं।

संदेश
विशेषज्ञों और समाज के प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी साथ ही समुदाय में शिक्षा और प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में उच्च प्रशासनिक और न्यायिक सेवाओं में भी बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.