अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
सोशल मीडिया पर पुराने वाहनों को नया रूप देने का वीडियो देखकर जयपुर के रहने वाले अमित कुमार ने अपनी बाइक रेस्टोरेशन के लिए भोपाल भेजी थी। उन्हें बताया गया था कि करीब 12 दिन में बाइक तैयार कर वापस कर दी जाएगी, लेकिन 12 दिन की बात देखते ही देखते करीब 12 महीने में बदल गई। बाइक वापस नहीं मिली और ऊपर से 18 से 20 हजार रुपये अतिरिक्त देने की मांग की जाने लगी।
परेशान अमित कुमार कई बार भोपाल पहुंचे, लेकिन हर बार उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। इसी बीच जब यह मामला एसीपी संतोष पटेल के संज्ञान में आया तो उन्होंने तत्काल हनुमानगंज थाना प्रभारी अवधेश सिंह भदौरिया से संपर्क कर युवक की समस्या का समाधान कराने एवं उसे इंसाफ दिलाने के लिए कहा।
इसके बाद हनुमानगंज पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए अमित कुमार की बाइक बरामद कराई। मामले में संबंधित आरोपी समीर खान को अमानत में खयानत के प्रकरण में गिरफ्तार किया गया।
बाइक वापस मिलने के बाद अमित कुमार ने पुलिस का आभार जताया। जब वे राजस्थान लौटने के लिए रवाना हुए तो एसीपी राकेश बघेल ने उन्हें माला पहनाकर विदा किया। इस दौरान पुलिस और आमजन के बीच भरोसे को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।
यह मामला इस बात की मिसाल बना कि पीड़ित व्यक्ति चाहे किसी भी राज्य का रहने वाला हो, अपनी वास्तविक समस्या लेकर पुलिस के पास पहुंचता है तो पुलिस उसकी मदद के लिए आगे आ सकती है। भोपाल पुलिस की कार्रवाई से राजस्थान में रहने वाले युवक को करीब एक साल बाद अपनी बाइक वापस मिल सकी।

