मक़सूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

यवतमाल नगर परिषद के घनकचरा प्रबंधन विभाग में कार्यरत ठेका श्रमिकों को वर्ष 2022 से 2025 के दौरान न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार वेतन का भुगतान किया गया या नहीं, इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में मुख्याधिकारी शुभम क्यातमवार ने आदेश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि ‘ब्ल्यू भीम टाइगर अस्थायी कामगार सेना’ ने 26 जून 2025 को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर यवतमाल नगर परिषद के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन एवं उपोषण शुरू किया था। आंदोलन की प्रमुख मांगों में घनकचरा प्रबंधन विभाग के ठेका श्रमिकों को न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार वेतन का भुगतान नहीं किए जाने का मुद्दा प्रमुख था।
आंदोलन के दौरान प्रशासन और संगठन के बीच हुई चर्चा में मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया गया था। इसी के तहत अब तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।
समिति के अध्यक्ष के रूप में लेखापाल जयेश लोखंडे को नियुक्त किया गया है, जबकि आंतरिक लेखा परीक्षक वैभव ठाकूर एवं स्वास्थ्य विभाग प्रमुख अक्षय नवलकर को सदस्य बनाया गया है।
समिति स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 से 2025 के दौरान ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत श्रमिकों को न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार वेतन का भुगतान हुआ या नहीं, इसकी जांच करेगी। साथ ही संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण कर 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट मुख्याधिकारी को सौंपेगी।
इस जांच रिपोर्ट पर ठेका श्रमिकों, श्रमिक संगठनों और नगर परिषद प्रशासन की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

