वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जिला कारागार, लखीमपुर खीरी में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कैदियों एवं युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के दौरान जिला मानसिक स्वास्थ्य टीम ने मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। मनोचिकित्सक डॉ अखिलेश शुक्ला ने बताया कि यह कार्यक्रम सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता के निर्देश पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इससे बचाव के लिए जागरूकता, परामर्श और समय पर उपचार बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर कैदियों को नशा विरोधी शपथ दिलाई गई तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि तनाव, अवसाद या नशे की समस्या के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 एवं 1800-891-4416 पर 24 घंटे निःशुल्क परामर्श उपलब्ध है। इसके अलावा नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 तथा तंबाकू छोड़ने के लिए 1800-11-2356 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम में कारागार अधीक्षक पीडी सलोनिया, जेलर देवकांत वर्मा, मनोचिकित्सक डॉ अखिलेश शुक्ला, चिकित्सक डॉ पंकज कुमार, फार्मासिस्ट आरआर सिंह सहित जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम उपस्थित रही। सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

