मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम प्रोफेशनल्स (एएमपी), मुंबई के सौजन्य से एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम मदरसा मोहम्मदिया में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर मोहम्मद जिया कुरैशी ने शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रभावी शिक्षण के विभिन्न तरीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान मोहम्मद जिया कुरैशी ने कहा कि शिक्षक को कक्षा में अगले दिन जो अध्याय पढ़ाना है, उसकी तैयारी एक दिन पहले ही कर लेनी चाहिए। इससे शिक्षक कक्षा में विषय को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकेंगे और विद्यार्थियों का ध्यान भी उनकी ओर आकर्षित रहेगा।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इस तरह शिक्षित किया जाना चाहिए कि वे विषय के बारे में सोचने और सवाल करने के लिए प्रेरित हों। बच्चों को केवल रटाने के बजाय विषय-वस्तु को गहराई से समझाना अधिक प्रभावी है। कक्षा में विद्यार्थियों को इस प्रकार पढ़ाया जाए कि उनकी विभिन्न क्षमताओं और इंद्रियों का सक्रिय उपयोग हो।
उन्होंने कहा कि लगातार बैठे रहने से भी विद्यार्थियों की एकाग्रता प्रभावित हो सकती है। छोटे बच्चों को खेल एवं गतिविधियों से जोड़कर शिक्षा देने से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
अच्छे शिक्षक के गुणों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कक्षा में सबसे पहले शिक्षक को विषय की अच्छी तैयारी करनी चाहिए। विद्यार्थियों को विषय समझाने के बाद सामूहिक शैक्षणिक गतिविधियां कराई जानी चाहिए। पीरियड के अंत में विद्यार्थियों से उसी विषय से संबंधित अभ्यास कार्य भी कराया जाए। इस तरह की शिक्षण प्रक्रिया से विद्यार्थियों में विषय की समझ और दक्षता विकसित होती है।
मास्टर ट्रेनर मोहम्मद जिया कुरैशी ने प्रशिक्षण की शुरुआत शिक्षक के कक्षा में प्रवेश करने के तरीके के व्यावहारिक प्रदर्शन से की। उन्होंने बताया कि शिक्षक का कक्षा में प्रवेश भी शिक्षण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके कक्षा में प्रवेश करते ही बच्चों का शोरगुल शांत हो गया। इसके बाद उन्होंने इस विषय पर संक्षिप्त रूप से अपने विचार रखे।
दो घंटे चले इस शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

