मक़सूद अली, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), NIT:

वहदत-ए-इस्लामी हिंद की ओर से 16 से 26 अगस्त तक देशभर में ‘पैगाम-ए-रहमतुल-आलम ﷺ मुहिम’ का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष अभियान का मुख्य विषय ‘वला तकतुलू अनफुसकुम’—‘अपने आपको अपने हाथों से मौत के हवाले न करो’ रखा गया है। अभियान के तहत आत्महत्या, कन्या भ्रूण हत्या, नशाखोरी और वायु प्रदूषण जैसे गंभीर सामाजिक एवं मानवीय मुद्दों को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
होटल हाली प्राइड, औरंगाबाद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वहदत-ए-इस्लामी हिंद के अमीर मोहम्मद जियाउद्दीन सिद्दीकी ने अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत समेत पूरी दुनिया विभिन्न सामाजिक और मानवीय समस्याओं से जूझ रही है। पैगंबर हजरत मुहम्मद मुस्तफा ﷺ की शिक्षाओं और आदर्श जीवन में इन समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन मौजूद है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनियाभर में हर वर्ष सात लाख से अधिक लोग आत्महत्या करते हैं। वक्ताओं ने मानव जीवन को अनमोल बताते हुए निराशा से बचने और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
कन्या भ्रूण हत्या को सामाजिक, नैतिक और मानवीय अपराध बताते हुए बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए जनजागरूकता बढ़ाने की बात कही गई। वहीं, नशाखोरी को व्यक्ति के साथ परिवार और समाज को प्रभावित करने वाला गंभीर संकट बताते हुए नैतिक शिक्षा, जवाबदेही और मजबूत चरित्र को इसके मुकाबले का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
अभियान में वायु प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण को भी प्रमुखता दी जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा केवल वर्तमान पीढ़ी ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की भी रक्षा है।
आयोजकों के अनुसार अभियान के दौरान 17 राज्यों के करीब 1000 स्थानों पर जनसंपर्क एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न भाषाओं में पुस्तिकाएं, फोल्डर, स्टिकर और पोस्टर के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुंचाया जाएगा। उलमा और मस्जिदों के इमामों से भी अपने संबोधनों में इन सामाजिक समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की गई है। कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर व्यवस्थित जनसंपर्क की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

