जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर किए गए एक सनसनीखेज खुलासे ने प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में हलचल मचा दी है। परासिया स्थित लायंस क्लब लायंस आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के खिलाफ मानव अंग एवं ऊतक संबंधी नियमों के उल्लंघन तथा कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) सहित देश के 14 प्रमुख विभागों में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन को पत्र प्रेषित किया गया, जिसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं।

आरटीआई से बड़ा खुलासा : संस्था का वैध पंजीयन नहीं
समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया को आरटीआई के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), छिंदवाड़ा कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त आई हॉस्पिटल का मानव अंग एवं ऊतक संग्रहण एवं प्रत्यारोपण संबंधी कार्यों के लिए न तो जिला स्तर, न राज्य स्तर और न ही केंद्र स्तर पर कोई वैध पंजीयन दर्ज है। बिना वैधानिक अनुमति के इस प्रकार की गतिविधियों का संचालन ‘सोटो’ (SOTO – State Organ and Tissue Transplant Organization) तथा ‘THOTA’ (Transplantation of Human Organs and Tissues Act) के नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
इंदौर सोटो के निर्देश पर सिम्स ने गठित की चार सदस्यीय जांच समिति
कार्यालय अधिष्ठाता एवं सक्षम प्राधिकारी, महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर तथा स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTO) मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक 5678/ओ.डी.-सोटो/2026 के परिपालन में छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स) द्वारा तत्काल प्रभाव से चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।
समिति में निम्न अधिकारी शामिल हैं:
1. डॉ. महेंद्र सिंह — प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, सर्जरी विभाग, सिम्स — अध्यक्ष
2. डॉ. नरेश गोन्नाडे — मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला छिंदवाड़ा — सदस्य
3. डॉ. हेमंत अहिरवार — सह प्राध्यापक, सर्जरी विभाग एवं प्रभारी अधिकारी, सोटो — सदस्य
4. डॉ. भारती बदलानी — सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग — सदस्य
तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
अधिष्ठाता, सिम्स द्वारा जारी आदेश पृ. क्रमांक/सोटो/सिम्स/2026/5868-5873 के तहत समिति को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि संचालक चिकित्सा शिक्षा भोपाल, कलेक्टर छिंदवाड़ा तथा सोटो इंदौर को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने कहा:
> “मानव सेवा, समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मैंने हमेशा गलत के खिलाफ आवाज उठाई है। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों से स्पष्ट है कि बिना वैध पंजीयन के यह कार्य लंबे समय से संचालित हो रहे थे। यदि संस्था का पंजीयन नहीं था, तो नेत्रदान और प्रत्यारोपण कैसे किए गए, इसके प्रमाणित दस्तावेज मेरे पास मौजूद हैं। देश के 14 शीर्ष विभागों में शिकायत के बाद अब जांच शुरू हो चुकी है। मुझे विश्वास है कि निष्पक्ष जांच में सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।”
इस हाई-प्रोफाइल जांच के बाद जिले में चर्चा का माहौल है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संस्था से जुड़े जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया की शिकायत पर लायंस क्लब लायंस आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, परासिया के सात पदाधिकारियों के खिलाफ थाना परासिया में 10 जनवरी 2025 को अपराध क्रमांक 12/2025 के तहत धारा 420, 409 और 34 में एफआईआर दर्ज की गई थी। साथ ही मध्यप्रदेश शासन द्वारा संस्था की चल-अचल संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई भी की गई है। वर्तमान में यह मामला माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में विचाराधीन है।

