अबरार अहमद खान/मुकीज खान, लखनऊ/भोपाल, NIT:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से हज यात्रा के लिए सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के लिए विशेष फ्लाइट रवाना हुई। इस दौरान एयरपोर्ट पर जायरीन को विदा करने पहुंचे परिजनों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ देखी गई। भावुक माहौल के बीच लोगों ने अपने प्रियजनों के सफल और कबूल हज की दुआएं कीं।
इस फ्लाइट में सिद्धार्थनगर जनपद के थाना त्रिलोकपुर क्षेत्र के ग्राम गौरा बड़हरी निवासी किताबुल्लाह खान और उनकी पत्नी जमीला खातून भी शामिल रहे। हज यात्रा पर रवाना होने से पहले दोनों ने अपने परिवारजनों और गांव के लोगों से मुलाकात कर दुआओं की दरख्वास्त की। गांव में उनके हज पर जाने को लेकर खुशी और गर्व का माहौल बना हुआ है।
परिजनों के मुताबिक, उनके पुत्र अब्दुल हमीद खाड़ी देश में रहकर कार्यरत हैं और अपने माता-पिता के इस मुकद्दस सफर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने दूर रहते हुए भी हज यात्रा की तैयारियों में पूरा सहयोग दिया।
गौरतलब है कि इस्लाम में हज को पांच स्तंभों में शामिल किया गया है, जिसे हर सक्षम मुसलमान पर जीवन में कम से कम एक बार अदा करना फर्ज माना गया है। इस वर्ष भी देशभर से हजारों की संख्या में जायरीन हज के लिए रवाना हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने किताबुल्लाह खान और जमीला खातून को हज यात्रा पर रवाना होने पर बधाई दी तथा उनके सकुशल लौटने और हज की कबूलियत के लिए दुआएं कीं। गांव में खुशी का माहौल है और लोग उनके सुरक्षित लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

