जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश में CM RISE संदीपनि (सीएम राइज) स्कूलों में निजी स्कूलों से आठवीं कक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश देने से मना करने का मामला सामने आ रहा है।
यह सभी बच्चों को समान रूप से शिक्षा देने के अधिकार का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है। कोई भी बच्चा अपनी मर्जी से निजी या सरकारी स्कूल में पात्रता के अनुसार दाखिला लेने का अधिकारी है।
इस तरह के तुगलकी आदेश को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए और प्रदेश के हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर दिया जाना चाहिए।
शिक्षा विभाग में चल रहे इस तरह के मामलों से यह संकेत मिलता है कि मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल होती जा रही है। यह व्यवस्था किसी ठोस नीति या प्रशासन से न चलकर कुछ लोगों की व्यक्तिगत मनमानी से चलाई जा रही है।

