अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

भागलपुर में निजी विद्यालयों द्वारा री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से मनमाना शुल्क वसूलने और महंगी किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाने की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन अब सख्त रुख में नजर आ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने टाउन हॉल में निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में उप विकास आयुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर है, जहां किसी भी प्रकार का अमीर-गरीब का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन की जानकारी सभी प्रधानाचार्यों को दे दी गई है और उसका पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई विद्यालय नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस कड़े रुख से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

