अशफ़ाक क़ायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

सीकर जिले में आधार कार्ड के दुरुपयोग से जुड़े बड़े साइबर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। शहर कोतवाली पुलिस, साइबर सेल और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ग्रामीण युवकों के आधार कार्ड के जरिए सिम और बैंक खाते खोलकर उन्हें साइबर ठगों को बेचते थे। इन खातों के माध्यम से करोड़ों रुपए का लेन-देन किया जा रहा था।
थानाधिकारी सुनील कुमार जांगिड़ के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में आकाश सैनी (22) निवासी वार्ड नंबर 32 फतेहपुर और अहमद रजा पठान (19) निवासी मोहल्ला तेलियान फतेहपुर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 फर्जी सिम, 10 सिम के खाली रेपर, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है।
सूचना पर दबिश, बजरंग कांटा के पास पकड़े गए आरोपी
5 अप्रैल को एसपी ऑफिस की साइबर सेल और डीएसटी टीम को सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कॉन्स्टेबल बजरंग और महिपाल की टीम ने बजरंग कांटा के पास कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उस समय दोनों किसी स्थान पर जाने की तैयारी में थे।
लालच देकर लेते थे आधार कार्ड
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ग्रामीण इलाकों के युवकों को पैसों का लालच देकर उनके आधार कार्ड हासिल कर लेते थे। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के जरिए नई सिम कार्ड निकलवाते थे।
फर्जी ईमेल से खोलते थे बैंक अकाउंट
आरोपी फर्जी ईमेल आईडी बनाकर विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन बैंक खाते खोलते और इन खातों को साइबर ठगों को करीब 30 हजार रुपए प्रति खाते के हिसाब से बेच देते थे। ठग इन खातों के माध्यम से बड़ी रकम का अवैध लेन-देन करते थे।
साइबर गिरोह तक पहुंचने की कोशिश जारी
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे सक्रिय साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मामले की जांच जारी है और इसमें और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। कार्रवाई में साइबर सेल के कॉन्स्टेबल महिपाल और बजरंग की विशेष भूमिका

