मक़सूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:
शहीद दिवस के अवसर पर देश की आज़ादी के लिए हंसते-हंसते बलिदान देने वाले अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को यवतमाल के हुतात्मा चौक पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मराठा सेवा संघ एवं शहीद-ए-आज़म भगत सिंह विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मराठा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर गायकवाड, प्रमुख वक्ता प्रवीण देशमुख, बबलू देशमुख, प्राचार्य सतीश काले, नंदकुमार बुटे, शशिकांत खडसे, अभिलाष खंडारे, कृष्णा पुसनाके, प्रद्युम्न जवळकेर, कृषि अधिकारी गणेशराव धस, उदय सरतापे, आशा काले, अनीता गरड, सचिन मनवर, स्नेहा निंबाळकर, पंढरी पाठे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध शायर बेताब की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने शहीदों की प्रतिमाओं को नमन करने के बाद अपनी भावपूर्ण शायरी प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। उनकी शायरी की पंक्तियां—
“गंगा-जमुना तहजीब को सलाम करे आसमां और ज़मीन,
एकता की ताकत के आगे फिरंगी हो गए एक, दो, तीन।
आज़ाद भारत हरगिज़ भूल नहीं सकता वो दिन,
बेताब—शहीद हो गए हंसते-हंसते, सुखदेव, राजगुरु और भगत सिंह।”
शायरी के बाद पूरे परिसर में “इंकलाब जिंदाबाद” के नारों से माहौल गूंज उठा।
इस अवसर पर उपस्थित सभी मान्यवरों ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके देशभक्ति, साहस और बलिदान से प्रेरणा लेकर अन्याय के खिलाफ संघर्ष के लिए सदैव तैयार रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम देशभक्ति और एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ

