जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

छिंदवाड़ा जिले में परासिया रोड स्थित विवांता हॉस्पिटल (Vivanta Hospital/Critical Care) में 19 मार्च 2026 को एक संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है।
मृतक की पहचान ज्वाला कुमार (निवासी दमुआ, जिला छिंदवाड़ा) के रूप में हुई है, जो पेशे से 108 एंबुलेंस चालक थे। उन्हें कमर दर्द (Back Pain) और संभवतः साइटिका की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान करीब 24 घंटे के भीतर उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मरीज को सही इलाज नहीं दिया गया, गलत दवा दी गई या समय पर उचित उपचार नहीं किया गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि उन्होंने मरीज को डिस्चार्ज करने की मांग की थी, लेकिन अस्पताल ने अनुमति नहीं दी। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।
घटना के बाद देहात थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मर्ग (अप्राकृतिक मौत) कायम किया है। शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में पुलिस की निगरानी में कराया गया।
वर्तमान स्थिति (22 मार्च 2026 तक):
• पोस्टमार्टम 19 मार्च 2026 को ही डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जा चुका है।
• पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
• रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण (जैसे हार्ट अटैक, दवा प्रतिक्रिया या लापरवाही) का खुलासा होगा।
• पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोनों पक्षों के दावे:
• अस्पताल प्रबंधन: मौत अचानक हार्ट अटैक से हुई।
• परिजन: गलत इलाज और लापरवाही के कारण मौत हुई।
आगे की कार्रवाई:
यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लापरवाही या गलत इलाज की पुष्टि होती है, तो पुलिस एफआईआर दर्ज कर सकती है और स्वास्थ्य विभाग (CMHO) द्वारा अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें जांच, मान्यता रद्द या डॉक्टरों पर कार्रवाई शामिल हो सकती है।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है और प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

