वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

‘छोटी काशी’ के नाम से प्रसिद्ध गोला गोकर्णनाथ के निवासियों और श्रद्धालुओं के लिए यह गर्व और खुशी का विषय है कि क्षेत्र के ऐतिहासिक मेले को अब उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। सरकार के इस निर्णय से न केवल मेले की भव्यता बढ़ेगी, बल्कि गोला को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान भी मिलेगी।
मेले के कायाकल्प के लिए सरकार ने लगभग 40 लाख रुपये का विशेष बजट आवंटित किया है। इस राशि का उपयोग मेले को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाने में किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य फोकस बेहतर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और कड़े सुरक्षा इंतजामों पर रहेगा, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पर्यटन विभाग की मंजूरी के बाद अब यह मेला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। उम्मीद है कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों, छोटे दुकानदारों और स्थानीय कामगारों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह फैसला गोला गोकर्णनाथ को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। बेहतर सुविधाओं और आधुनिक व्यवस्थाओं के चलते आने वाले समय में यहां पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

