वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गौरीफंटा बॉर्डर इन दिनों सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय आवाजाही के बजाय अवैध टैक्सी संचालन को लेकर सुर्खियों में है। बॉर्डर का मुख्य द्वार अब कथित रूप से अवैध टैक्सी स्टैंड में तब्दील हो गया है, जहाँ नियमों की अनदेखी कर धड़ल्ले से सवारियां ढोई जा रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रोजाना बड़ी संख्या में निजी वाहन चालक बॉर्डर पर जमा हो जाते हैं और अपनी गाड़ियों का उपयोग टैक्सी के रूप में करते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भी यह स्थिति साफ दिखाई देती है। सवारियां बैठाने की होड़ में चालकों के बीच अक्सर विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
मामला सिर्फ अवैध संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कई वाहन चालक अपनी गाड़ियां बॉर्डर के मुख्य द्वार पर खड़ी कर घंटों के लिए नेपाल चले जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और संवेदनशील सीमा क्षेत्र की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
आरोप है कि यह पूरा अवैध कारोबार पुलिस और आरटीओ विभाग की कथित मिलीभगत से संचालित हो रहा है। बॉर्डर जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों के कारण राहगीरों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक कोई ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस अव्यवस्था पर कब तक नियंत्रण करता है या स्थिति यूं ही बनी रहती है।
