अतीश दीपंकर ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:
भागलपुर में 9 मार्च को हुई प्रॉपर्टी डीलर रिषभ झा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड में मृतक का दोस्त ही मुख्य आरोपी निकला।
पैसों के लेन-देन के विवाद में एक सुनियोजित योजना के तहत दोस्तों ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपियों ने कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
पुलिस ने विशेष टीम बनाकर तकनीकी जांच के आधार पर 48 घंटे के अंदर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि मृतक रिषभ झा और सौरभ साह उर्फ मयंक गुप्ता साथ मिलकर प्लॉटिंग का कारोबार करते थे। इस कारोबार में रिषभ झा का कुछ पैसा सौरभ साह के पास बकाया था, जिसे वह लौटाना नहीं चाहता था। इसी कारण सौरभ ने अपने साथियों के साथ मिलकर रिषभ की हत्या की साजिश रची।
योजना के अनुसार 9 मार्च को सौरभ ने रिषभ झा को लूडो खेलने के बहाने बुलाया और उसे अपने दोस्त भानु कुमार उर्फ संजीव कुमार साह के टेंट गोदाम, सुंदरपुर में ले गया, जहां अपने साथियों के साथ मिलकर उसे गोली मार दी।
घटना के बाद आरोपियों ने खुद ही घायल रिषभ को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया ताकि मामला सामान्य घटना जैसा लगे।
पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें
1. सौरभ साह उर्फ मयंक गुप्ता, पिता – अरुण प्रसाद गुप्ता
2. भानु कुमार उर्फ संजीव कुमार साह, पिता – स्व. किशोरी साह
3. प्रीतम कुमार, पिता – सुनील कुमार गुप्ता
4. राहुल रंजन उर्फ मोनू कुमार, पिता – राजन कुमार साह
5. दीपक कुमार, पिता – वासुदेव यादव
सभी आरोपी भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
इनकी निशानदेही पर घटनास्थल से एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया है।
इस मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ पीरपैंती थाना में मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल पुलिस मामले की आगे भी जांच कर रही है और सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

