वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला चिकित्सालय, लखीमपुर खीरी के नाक-कान-गला (ईएनटी) विभाग में आधुनिक तकनीक से कान की सर्जरी की शुरुआत हो गई है। अब यहां ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप एवं माइक्रोड्रिल की सहायता से जटिल कान के ऑपरेशन किए जा सकेंगे।
इसी क्रम में ईएनटी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मनोज शर्मा ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. के. कोली की उपस्थिति में टिम्पैनोप्लास्टी (कान के पर्दे का पुनर्निर्माण) एवं मास्टॉइडेक्टॉमी (कान के पीछे की हड्डी में संक्रमण की सफाई) की सफल सर्जरी की। इस उपलब्धि के साथ जनपद में उन्नत ईएनटी सेवाओं का विस्तार हुआ है।
चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय से कान बहने, सुनने की क्षमता में कमी तथा पुरानी कान संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए यह तकनीक बेहद कारगर साबित होगी। माइक्रोड्रिल के जरिए सर्जरी के दौरान संक्रमणग्रस्त और गली हुई हड्डी को सुरक्षित तरीके से हटाया जाता है, जिससे ऑपरेशन अधिक सटीक और प्रभावी बनता है तथा सफलता की संभावना भी बढ़ जाती है।
महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. वाणी गुप्ता ने इस उपलब्धि पर ईएनटी विभाग को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की ओर अग्रसर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी मरीजों को जटिल बीमारियों का बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज स्थानीय स्तर पर मिलता रहेगा।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. के. कोली ने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को कान की जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें जिला अस्पताल में ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

