संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

अमानगंज पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। नगर के वार्ड नंबर 01 में चोरों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए एक घर के सामने खड़ी अनाज से लदी पिकअप चोरी कर ली। हैरानी की बात यह है कि जिस इलाके में पुलिस सुरक्षा का जिम्मा है, वहीं शातिर बदमाश इत्मीनान से भारी-भरकम वाहन ले उड़े और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।

पुलिस की नाक के नीचे से गायब हुआ लाखों का माल
पीड़ित व्यापारी जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि उनकी पिकअप वाहन क्रमांक MP 35 GA 1017 में 60 बोरी उड़द (बटरी) लदी हुई थी, जिसे रात करीब 10 बजे घर के सामने खड़ा किया गया था। जब सुबह लगभग 4:30 बजे बाहर निकले तो वाहन गायब मिला। इस घटना से साफ है कि बदमाशों के मन में पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा है। सवाल यह उठता है कि क्या रात की पुलिस गश्त केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है?

व्यापारियों में आक्रोश: क्या अब घर भी सुरक्षित नहीं?
इस सनसनीखेज चोरी की घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष है। गल्ला व्यापारियों का कहना है कि यदि घर के सामने खड़ी गाड़ियां और माल सुरक्षित नहीं हैं, तो पुलिस की मौजूदगी का क्या अर्थ है? इतनी बड़ी पीली पिकअप वाहन का शहर के मुख्य मार्गों से होकर निकल जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सीसीटीवी और गश्ती व्यवस्था पर सवाल
नगर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न तो सीसीटीवी कैमरे प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं और न ही डायल 112 या रात्रि गश्ती दल की सक्रियता नजर आती है। यदि गश्त प्रभावी होती, तो अनाज से लदी भारी गाड़ी चोरी होना इतना आसान नहीं होता।
सिर्फ एफआईआर तक सीमित पुलिसिया कार्रवाई?
घटना के बाद पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन पीड़ित व्यापारी अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए थाने के चक्कर काटने को मजबूर है।
पहले भी हो चुकी है चोरी, आज तक नहीं मिला सुराग
बही कमताना निवासी एवं वर्तमान में अमानगंज निवासी व्यापारी राम सजीवन मिश्रा ने बताया कि 03/04/2025 को उनकी पिकअप वाहन क्रमांक MP 35 00461 भी चोरी हो चुकी है, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने थाना अमानगंज, एसपी कार्यालय और 181 हेल्पलाइन पर शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने वाहन खोजने के बजाय कथित दबाव बनाकर 181 की शिकायत वापस करवा दी। इससे नगर में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
जनता का सवाल
स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या अमानगंज पुलिस केवल छोटे-मोटे मामलों में चालान काटने तक ही सीमित है? इतनी बड़ी चोरी की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

