जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:
पुलिस आयुक्त, भोपाल श्री हरिनारायणचारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भोपाल शहर के नगरीय क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
पुलिस आयुक्त श्री मिश्र द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि कोई भी मकान मालिक यदि अपना मकान या उसका कोई भाग किराये पर देता है, तो उसे ऐसा करने के एक सप्ताह के भीतर किरायेदार अथवा पेइंग गेस्ट का विवरण निर्धारित प्रारूप में भरकर संबंधित थाना अथवा मध्यप्रदेश पुलिस सिटीजन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।
पूर्व से रह रहे किरायेदारों या घरेलू नौकरों का विवरण भी आदेश जारी होने की तिथि से 15 दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में संबंधित थाना या मध्यप्रदेश पुलिस सिटीजन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा रखे गए घरेलू नौकर या सहायक का विवरण भी निर्धारित प्रारूप में संबंधित थाने या पोर्टल पर देना होगा।
होटल, लॉज, धर्मशाला एवं रिसोर्ट के प्रबंधक या मालिक अपने यहाँ ठहरने वाले सभी व्यक्तियों का पूर्ण व्यक्तिगत विवरण रजिस्टर में दर्ज करेंगे तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसकी जानकारी संबंधित थाने को उपलब्ध कराएंगे। इसी प्रकार छात्रावास संचालकों को छात्रावास में निवासरत छात्र-छात्राओं का विवरण निर्धारित प्रारूप में संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगा।
ठेकेदार एवं भवन निर्माणकर्ता निर्माण कार्य में लगे मजदूरों एवं कारीगरों का विवरण निर्धारित प्रारूप में संबंधित थाने को देंगे। कोई भी ट्रेवल एजेंसी किसी वाहन को किराये पर देने से पूर्व संबंधित व्यक्ति की पहचान की तस्दीक करेगी तथा पहचान पत्र की छायाप्रति अपने अभिलेख में सुरक्षित रखेगी। पहचान सुनिश्चित होने के पश्चात ही वाहन किराये पर दिया जाएगा।
स्पा सेंटर, मसाज सेंटर एवं ब्यूटी पार्लर में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी विहित प्रारूप में संबंधित थाने को दी जाएगी तथा उनका पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लिया जाएगा। निजी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा नियुक्त अथवा व्यक्तिगत रूप से नियुक्त सुरक्षा गार्डों की जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में थाने को दी जाएगी और उनका आईडी प्रूफ संधारित किया जाएगा।
ऑनलाइन शॉपिंग, होम डिलीवरी, कूरियर सेवा अथवा होटल एवं अन्य प्रतिष्ठानों में ऑनलाइन ऑर्डर की घर-घर आपूर्ति करने वाले कर्मचारियों की सूचना निर्धारित प्रारूप में संबंधित थाने को दी जाएगी तथा उनके पहचान से संबंधित दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।
यह आदेश जारी दिनांक से आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

