सामाजिक न्याय की मज़बूत आवाज़: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा किए गए जनहित कार्य | New India Times

हनीफ खान, ब्यूरो चीफ, मिर्जापुर (यूपी), NIT:

सामाजिक न्याय की मज़बूत आवाज़: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा किए गए जनहित कार्य | New India Times

देश की आज़ादी के बाद शायद ही कोई ऐसा सांसद रहा हो जिसने पिछड़ों, दलितों और अनुसूचित जनजाति के लोगों की आवाज़ को संसद में इतनी मजबूती से उठाया हो, जैसा कि मिर्जापुर की लोकप्रिय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री बहन अनुप्रिया पटेल जी ने उठाया है।

सामाजिक न्याय की मुखर आवाज़, केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन श्रीमती अनुप्रिया पटेल जी ने हर वर्ग के लोगों के लिए अनेक जनहितकारी कार्य किए हैं। आप सभी लोग अवश्य पढ़ें और जनता तक पहुँचाएँ।

1- अनुप्रिया जी ने 13-प्वॉइंट रोस्टर प्रणाली का विरोध कर उसे समाप्त कराया।

2- मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण बहाल कराया।

3- नवोदय और सैनिक स्कूलों में 27% आरक्षण लागू कराया।

4- ओबीसी आयोग के गठन की माँग की और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाया।

5- सैनिक स्कूलों में महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा उठाया और उन्हें लाभ दिलाया।

6- प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज का नाम स्वर्गीय डॉ. सोनेलाल पटेल जी के नाम पर कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

7- फूलपुर-सोराव मार्ग का नाम डॉ. सोनेलाल पटेल जी के नाम पर कराने में योगदान दिया।

8- वीरांगना ऊदा देवी पासी जी की कहानी को बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की माँग संसद में रखी।

9- NEET आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और आरक्षण सुनिश्चित कराया।

10- स्वतंत्रता सेनानी राजा जय लाल सिंह जी के नाम पर डाक टिकट जारी कराया।

11- ओबीसी क्रीमी-लेयर सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख कराने के लिए आवाज़ उठाई (लक्ष्य 15 लाख का है)।

12- लेखपाल भर्ती में ओबीसी सीट न होने पर भर्ती निरस्त कराई।

13- जातिवार जनगणना का मुद्दा लगातार संसद में उठाया।

14- ओबीसी के लिए अलग मंत्रालय की माँग पर लगातार अडिग रहीं।

15- न्यायपालिका (जुडिशियरी) में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाया।

16- कृषि को उद्योग का दर्जा देने की माँग की, ताकि किसान अपनी फसल का दाम स्वयं तय कर सकें।

17- चौरसिया समाज के हित में पान को कृषि की श्रेणी में रखने की माँग की, ताकि उन्हें अनुदान और बीमा का लाभ मिल सके।

18- दिल्ली में सरदार पटेल जी की समाधि के लिए जगह न देने का मुद्दा संसद में उठाया।

19- प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की माँग की।

20- डोम, चौरसिया और नाई समाज की समस्याएँ सदन में मजबूती से उठाईं।

21- 69-हज़ार शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी पर गृह मंत्री के सामने मुद्दा उठाया और लगातार आवाज़ बुलंद की।

22- अखिल भारतीय न्यायिक सेवा आयोग के गठन की माँग जारी रखी।

23- थानों और जिलों में कम से कम 50% अधिकारियों को पिछड़ा और दलित वर्ग से नियुक्त करने की माँग की।

24- संविदा और निजी भर्तियों में संवैधानिक आरक्षण लागू करने की माँग उठाई।

उनके नेतृत्व में मिर्जापुर आज “मॉडल ज़िला” बनने की ओर बढ़ रहा है। पहले जहाँ केवल पत्थर और जंगल ही अधिक दिखाई देते थे, वहीं आज विकास के नए आयाम जुड़ रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से विंध्य विश्वविद्यालय की स्थापना का अनुरोध किया, जिसका कार्य प्रगति पर है। इसके साथ-साथ मिर्जापुर में नेशनल हाईवे, गंगा पर पुल, केंद्रीय विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, आमघाट रेलवे पुल, गैपुरा रेलवे पुल, जीवनाथपुर रेलवे पुल सहित अनेक विकास कार्य पूरे हो चुके हैं।

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