मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से जुन्नारदेव विधानसभा के अंतर्गत तामिया के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिंदी में आज विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सुश्री सारिका घारू ने बताया कि यह कार्यक्रम कलेक्टर हरेंद्र नारायण की पहल पर ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया।
इसमें खगोल विज्ञान, न्यूनलागत प्रयोगों एवं सिकलसेल के प्रति जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके साथ ही लोककला और पपेट शो का भी प्रयोग किया गया।
सारिका घारू ने कहा कि इस क्षेत्र में सिकलसेल एक वंशानुगत रक्त विकार है, जिसकी विवाह पूर्व जांच कर इसके फैलाव को रोका जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सिकलसेल कुंडली मिलान की जानकारी केवल स्वयं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार और समाज में भी साझा करें, ताकि इस बीमारी के फैलाव को रोकने में मदद मिल सके।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान की रोमांचक दुनिया से परिचित कराया गया। सारिका घारू ने मॉडल और प्रयोगों के माध्यम से बच्चों को बताया कि कैसे वे बिना महंगे उपकरण के आकाश दर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने ग्रहों की स्थिति, चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण और अंतरिक्ष अन्वेषण के बारे में भी जानकारी दी। बच्चों ने अंतरिक्ष से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका समाधान रिसोर्स पर्सन ने किया।
सारिका घारू ने बताया कि नए वर्ष 2026 में कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायण की विशेष पहल पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सघन वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. एल.एस. कंवर ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में इस प्रकार के विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। इस कार्यक्रम में 300 से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक शामिल हुए।

