डॉ. रामशंकर चंचल को मिला ‘आचार्य चतुरसेन सम्मान’, साहित्य साधना को मिली नई पहचान | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ के प्रख्यात साहित्य साधक डॉ. रामशंकर चंचल को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर उनकी नवीन कृति ‘मसीहा’ (आंचलिक उपन्यास) के लिए इंकलाब पब्लिकेशन, मुंबई द्वारा ‘आचार्य चतुरसेन सम्मान’ प्रदान किया गया।

स्मरण रहे कि इससे पहले भी डॉ. रामशंकर चंचल को सैकड़ों सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें अज्ञेय, प्रेमचंद, फणीश्वरनाथ रेणु, रवीन्द्रनाथ टैगोर, हरिवंश राय बच्चन और धर्मवीर भारती जैसी महान साहित्यिक हस्तियों के नामों से दिए गए अनेक पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।

इस नई उपलब्धि पर शहर के गणमान्य नागरिकों सहित साहित्य जगत के लोगों ने उन्हें बधाइयाँ और शुभकामनाएँ दीं।

अपने उद्बोधन में डॉ. चंचल ने कहा कि अपनी सभी उपलब्धियों और सम्मानों का श्रेय वे झाबुआ की पवित्र धरा को देते हैं।

उन्होंने कहा—
“जो कुछ भी हूँ, वह इस ईश्वरीय धरा के आशीर्वाद से हूँ। यहाँ रामायण, गीता, बाइबल और कुरान जैसे आदर्श ग्रंथों की प्रेरणा मिलती है। चरित्र, निष्ठा, लगन और आत्मविश्वास ही वह शक्ति है, जो मनुष्य को सफलता दिलाती है।”

उन्होंने अंत में अपनी जन्मभूमि झाबुआ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भूमि हमेशा उन्हें आशीर्वाद देती रही है।

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