अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड द्वारा औकाफ शाही को जनहित के लिए एम्बुलेंस प्रदान किए जाने की पहल को भोपाल के कोमी खिदमतगार हाजी मोहम्मद इमरान ने सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा कि शहर में पहले से ही सरकारी व गैर-सरकारी सैकड़ों एम्बुलेंस सेवाएँ उपलब्ध हैं, लेकिन औकाफ शाही को दी गई एम्बुलेंस रखरखाव के अभाव में बेकार पड़ी देखी जा सकती है, जिससे समाज को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।

हाजी इमरान का कहना है कि वक़्फ़ बोर्ड को यह सुविधा औकाफ शाही को सौंपने के बजाय अपने नियंत्रण में रखते हुए सीधे वक़्फ़ बोर्ड कार्यालय से संचालित करनी चाहिए थी। यदि कार्यालय स्तर पर दो कर्मचारियों की नियुक्ति कर वहीं से एम्बुलेंस सेवा चलाई जाती, तो यह सुविधा अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुँच सकती थी।
इसके साथ ही हाजी मोहम्मद इमरान ने वक़्फ़ बोर्ड से अन्य जनकल्याणकारी कार्यों पर भी गंभीरता से ध्यान दिए जाने की अपील की है। उन्होंने जिन विषयों पर प्राथमिकता देने की बात कही, उनमें शामिल हैं।
इमाम और मुअज्ज़िन के बच्चों की शिक्षा सहायता
कब्रिस्तानों की सुरक्षा और संरक्षण
ऐतिहासिक ईदगाह एवं उसकी पार्किंग का संरक्षण
मुस्लिम समाज के छात्रों के लिए फ्री कोचिंग की स्थापना
बेवाओं व तलाकशुदा महिलाओं के लिए पेंशन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
ज़रूरतमंद बच्चों को कोर्स सामग्री उपलब्ध कराना
इमाम व मुअज्ज़िन के वेतन में बढ़ोतरी
हाजी इमरान ने कहा कि वक़्फ़ बोर्ड द्वारा एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराना निश्चित रूप से एक अच्छी पहल है, लेकिन बेहतर प्रबंधन और निगरानी से यह सुविधा समाज के लिए और अधिक उपयोगी साबित हो सकती है।

