मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:
बुरहानपुर के मशहूर उस्ताद शायर जनाब ताहिर नक़्क़ाश एवं शायर अब्दुल रऊफ़ नश्तर की मुंबई आमद पर नागपाड़ा स्थित ओज़ोन बिल्डिंग में बज़्म-ए-सुख़न अदब, तहज़ीब और शायरी की रौनक से जगमगा उठी। उर्दू गगन संस्था की जानिब से दोनों सम्मानित शायरों के सम्मान में एक शानदार एवं गरिमामयी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रोफेसर जमील कामिल साहब ने की।
इस प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन का संचालन वरिष्ठ शायर व नाज़िम जनाब यूसुफ़ दीवान ने बेहद खूबसूरती से किया। महफ़िल का आग़ाज़ सदर-ए-मजलिस प्रोफेसर जमील कामिल साहब द्वारा पवित्र कलाम-ए-पाक की तिलावत से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। इसके पश्चात जनाब ताज कुरैशी ने बारगाह-ए-रसूल में नात-ए-पाक पेश कर श्रद्धा के स्वर बिखेरे।
कार्यक्रम के सूत्रधार एवं उर्दू गगन संस्था के अध्यक्ष जनाब मुशीर अहमद अंसारी ने उपस्थित साहित्य प्रेमियों के समक्ष दोनों विशिष्ट अतिथियों ताहिर नक़्क़ाश और अब्दुल रऊफ़ नश्तर का प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत किया।
शायरी की इस दिलनशीं महफ़िल के दौरान प्रोफेसर जमील कामिल, जनाब सरफ़राज़ आरज़ू, जनाब अब्दुल कय्यूम, डॉ. क़ासिम इमाम, जनाब कमाल मांडलेकर एवं मुशीर अंसारी के हाथों दोनों मेहमान शायरों का शाल ओढ़ाकर गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया गया।
महफ़िल में जनाब तौफ़ीक फ़ाख़री, जनाब नैयर हसन, जनाब मुशीर अंसारी, जनाब तजम्मुल हुसैन ज़ाहिद, जनाब यूसुफ़ दीवान, डॉ. क़ासिम इमाम तथा प्रोफेसर जमील कामिल सहित सम्मानित अतिथियों अब्दुल रऊफ़ नश्तर और ताहिर नक़्क़ाश ने अपने चुनिंदा कलाम पेश कर समां बाँध दिया। शायरों की शानदार प्रस्तुति पर उपस्थित श्रोताओं ने दिल खोलकर दाद दी और पूरी महफ़िल वाह-वाह से गूंज उठी।
अंत में उर्दू गगन संस्था के अध्यक्ष मुशीर अंसारी ने सभी मेहमानों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। आत्मीय धन्यवाद ज्ञापन और शानदार रात्रिभोज के साथ यह यादगार अदबी शाम अपने खूबसूरत समापन तक पहुँची।
यह आयोजन शायरी और अदबी दुनिया में मुंबई और बुरहानपुर के साहित्यिक रिश्तों को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगा।

