गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:

शासकीय मेडिकल कॉलेज, दतिया के मेडिसिन विभाग की पीजी तृतीय वर्ष की छात्रा डॉ. वैशाली सिंघल ने चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित प्रतिष्ठित “नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन कार्डियोलॉजी, डायबेटोलॉजी, ECG, ECHO & गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (CDEE & GE CON 2025)”
में डॉ. वैशाली ने पोस्टर प्रेजेंटेशन में तृतीय पुरस्कार (3rd Prize) प्राप्त किया।
यह राष्ट्रीय सम्मेलन 22 और 23 नवंबर 2025 को
“मेडिसिन और रिसर्च में नई संभावनाओं की खोज” (Exploring New Horizons in Medicine and Research) विषय पर आयोजित किया गया था।
डॉ. वैशाली ने अपना शोध विषय —
“Unseen Danger: Exploring Myocardial Injury in Diabetic Ketoacidosis Patients”
(एक अनदेखा खतरा: डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के मरीजों में हृदय की मांसपेशियों को होने वाली क्षति का अध्ययन) — प्रस्तुत किया, जिसे निर्णायक मंडल ने अत्यंत प्रभावशाली और उपयोगी माना।
शोध का महत्व
डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA) एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। उपचार के दौरान आमतौर पर ध्यान केवल ब्लड शुगर और एसिडोसिस को नियंत्रित करने पर रहता है, लेकिन इसके साथ जुड़ा ‘हृदय की मांसपेशियों को होने वाला नुकसान’ (Myocardial Injury) अक्सर अनदेखा रह जाता है। डॉ. वैशाली का पोस्टर इसी छिपे हुए जोखिम को पहचानने तथा समय पर प्रबंधन करने की आवश्यकता पर केंद्रित था।
कॉलेज परिवार का गर्व
डॉ. वैशाली की इस उपलब्धि पर कॉलेज के डीन, मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष एवं सभी सहकर्मियों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
डॉ. वैशाली ने अपने मेंटर्स, विभाग तथा सहपाठियों के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
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