संदीप शुक्ला, ग्वालियर, NIT;
ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने अब धीरे-धीरे नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में लोकायुक्त ने ग्वालियर नगर निगम के तीन अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर से मिली जानकारी के अनुसार लोकायुक्त पुलिस ने तीन नगरपालिका के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है जिसमें कर संग्राहक महेंद्र शर्मा, राजस्व निरीक्षक योगेंद्र श्रीवास्तव और तत्कालीन खेल अधिकारी सतपाल सिंह चौहान को आरोपी बनाया गया है।
लोकायुक्त एसपी अमित सिंह के मुताबिक तीनों ही अधिकारियों पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। जिसकी जांच पहले खुद निगम के अधिकारियों ने की जिसके बाद पूरी जांच को लोकायुक्त पुलिस को विस्तृत तरीके से करने के लिए सौंपा है। इस मामले में महेंद्र शर्मा और योगेंद्र श्रीवास्तव पर 32 संपत्तियों के मामलों में टैक्स वूसलने में निगम ने इन्हें दोषी माना था। वहीँ नगर निगम के खेल विभाग में हुए 1.99 करोड़ के एडवांस घोटाले के मामले में लोकायुक्त ने तत्कालीन खेल अधिकारी सतपाल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है। एडवांस खेल विभाग के भृत्य ओपी बाथम के नाम पर निकाला गया था और इसे वर्तमान आयुक्त अनय द्विवेदी ने पकड़ा और खेल अधिकारी व भृत्य को सस्पेंड कर दिया था। इस जांच में 2004 से 2015 के दौरान पदस्थ रहे 8 निगम आयुक्त व दो महापौर भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। खेल विभाग में यह एडवांस तत्कालीन महापौर की मंजूरी व आयुक्त के आदेश पर जारी किए गए थे। माना जा रहा है कि निगम के इस चर्चित एडवांस घोटाले में तत्कालीन लेखाधिकारी के नाम भी दोषियों के रूप में शामिल हो सकते हैं। 2004 में निगम में आयुक्त विवेक सिंह थे। उनके खिलाफ लोकायुक्त में पहले से भी मामले चल रहे हैं। विवेक सिंह के बाद निकुंज श्रीवास्तव, पवन शर्मा, बीएम शर्मा, एनबीएस राजपूत, वेदप्रकाश, विनोद शर्मा व अजय गुप्ता निगम आयुक्त के पद पर रहे हैं। जबकि महापौर के पद पर विवेक शेजवलकर व समीक्षा गुप्ता का कार्यकाल रहा है। नगर निगम में एडवांस, लेखाधिकारी व आयुक्त की मंजूरी के बाद ही रिलीज होता है ऐसे में सवाल यह है कि इतने बड़े लोगों की मौजूदगी में एडवांस के नाम पर करोड़ों रूपए का बंदरबांट कैसे चलता रहा?
