मध्य प्रदेश में पिछड़ा दलित समाज संगठन द्वारा धीरेंद्र शास्त्री की  'सनातन एकता यात्रा' के विरोध में निकाली जाएगी संविधान बचाओ यात्रा | New India Times

ममता गनवानी,भोपाल (मप्र), NIT:

राजधानी भोपाल में आज पिछड़ा दलित समाज संगठन (DPSS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव एवं पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर “संविधान बचाओ यात्रा”  की घोषणा की।

संविधान यात्रा ल बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की “सनातन एकता यात्रा” के विरोध में आयोजित की जा रही है, जिसे संगठन ने सांप्रदायिक और समाज को बांटने वाली यात्रा बताया है।
दामोदर यादव ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में नफरत और विभाजन फैलाने के प्रयास तेज़ हुए हैं। ऐसे माहौल में दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज को एकजुट होकर संविधान और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की रक्षा करनी होगी।

मध्य प्रदेश में पिछड़ा दलित समाज संगठन द्वारा धीरेंद्र शास्त्री की  'सनातन एकता यात्रा' के विरोध में निकाली जाएगी संविधान बचाओ यात्रा | New India Times

यात्रा का उद्देश्य देशभर में यह संदेश देना है कि भारत का अस्तित्व संविधान से है, न कि किसी धर्म आधारित विचारधारा से।
16 नवंबर को  ग्वालियर से ये यात्रा की शुरुआत होगी। जिसका  छतरपुर में समापन होगा। यात्रा मध्यप्रदेश के कई जिलों से होते हुए निकलेगी और सामाजिक समानता, न्याय, और धर्मनिरपेक्षता का संदेश देगी।

संगठन ने बताया कि धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। संगठन का आरोप है कि शास्त्री की सभाओं में सांप्रदायिकता और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाली बातें कही जाती हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है।

इंदरगढ़ की घटना पर संगठन की प्रतिक्रिया

दामोदर यादव ने इंदरगढ़ में हाल ही में हुए विवाद का ज़िक्र करते हुए कहा कि बाबा बागेश्वर के समर्थकों ने अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं पर हमला किया, लाठी-डंडों से मारपीट की गई।
चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने उल्टा पीड़ित अंबेडकरवादियों पर ही गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर दिया।
संगठन ने इस मामले की न्यायिक जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दामोदर यादव ने कहा कि
“हम किसी धर्म के विरोधी नहीं हैं, परंतु संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ कोई भी आवाज़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह लड़ाई संविधान, समानता और भाईचारे की रक्षा के लिए है।”

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