मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
ताप्ती सेवा समिति बुरहानपुर द्वारा आज 08 नवंबर 2025 को शाम 4:00 बजे राजपुरा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट के सामने विश्व रेडियोग्राफी दिवस (एक्स-रे की खोज की वर्षगांठ) के अवसर पर एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एच.बी. सुगंधी को सम्मानित किया गया। समिति की जिलाध्यक्ष श्रीमती सरिता राजेश भगत ने बताया कि डॉ. सुगंधी बुरहानपुर के वरिष्ठ चिकित्सक हैं, जिन्होंने रेडियोग्राफी में डिग्री प्राप्त कर लंबे समय से चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की हैं।
विश्व रेडियोग्राफी दिवस: एक परिचय और महत्व
विश्व रेडियोग्राफी दिवस हर साल 8 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब 1895 में जर्मन वैज्ञानिक विल्हेल्म कॉनरैड रॉन्टगन ने एक्स-रे की खोज की थी। यह खोज चिकित्सा विज्ञान में एक क्रांति लेकर आई और मानव शरीर के आंतरिक अंगों को बिना सर्जरी के देखने का मार्ग प्रशस्त किया।
इस दिवस का महत्व
एक्स-रे की खोज का सम्मान: यह दिन विल्हेल्म कॉनरैड रॉन्टगन की ऐतिहासिक खोज को श्रद्धांजलि देता है, जिसने आधुनिक चिकित्सा को हमेशा के लिए बदल दिया।
रेडियोग्राफर्स की भूमिका: यह दिवस रेडियोग्राफर्स (एक्स-रे टेक्निशियन/रेडियोग्राफिक टेक्नोलॉजिस्ट) की अहम भूमिका को रेखांकित करता है, जो एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड आदि इमेजिंग प्रक्रियाओं को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित करते हैं।
जन-जागरूकता: यह अवसर लोगों को रेडियोग्राफी और मेडिकल इमेजिंग तकनीकों के महत्व के बारे में शिक्षित करने का माध्यम बनता है।
तकनीकी प्रगति: यह दिवस आधुनिक इमेजिंग तकनीकों — जैसे डिजिटल एक्स-रे, 3D इमेजिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निदान — को प्रदर्शित करने का भी अवसर देता है।
सुरक्षा और गुणवत्ता: इस दिन रोगियों की सुरक्षा और उच्च गुणवत्ता वाली इमेजिंग प्रक्रियाओं के महत्व पर भी जोर दिया जाता है।
इस अवसर पर श्रीमती सरिता राजेश भगत (अध्यक्ष), राजू खेड़कर (संरक्षक), मंसूर सेवक (उपाध्यक्ष), प्रेमलता साकले (उपाध्यक्ष), अता उल्लाह खान, धर्मेंद्र सोनी (सचिव), पुनीत साकले, विजय राठौड़, और अजय राठौर सहित ताप्ती सेवा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

