श्रीआदिनाथ भगवान की निकली भव्य रथयात्रा जय श्री आदिनाथ के नारों से गुंजा जिनालय | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

श्रीआदिनाथ भगवान की निकली भव्य रथयात्रा जय श्री आदिनाथ के नारों से गुंजा जिनालय | New India Times

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर श्री संघ द्वारा जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव बावन जिनालय के सभी शिखरों पर ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर प्रभु की भव्य रथयात्रा भी निकाली गई। समस्त आयोजन साध्वी श्री रत्नरेखा श्रीजी म.सा. व साध्वी मंडल के सान्निध्य में हुए।

श्रीआदिनाथ भगवान की निकली भव्य रथयात्रा जय श्री आदिनाथ के नारों से गुंजा जिनालय | New India Times

श्वेतांबर जैन श्री संघ मीडिया प्रभारी रिंकू रूनवाल ने बताया कि श्री रिषभदेव बावन जिनालय में निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह साढ़े 6 बजे भक्तामर स्त्रोत एवं गुरू गुण इक्कीसा पाठ, 7 बजे से शुभ मुर्हुत में बावन जिनालय के सभी शिखरों पर ध्वजारोहण निमित्त सत्तरभेदीलाभार्थी डॉ. गौरव जितेंद्र, छबीलचंद रूनवाल परिवार की ओर से पढ़ाई गई। पूजन विधिकारक ओएल जैन सा.श्री आदिनाथ राजेंद्र जयंत संगीत मंडल द्वारा करवाई गई।

श्रीआदिनाथ भगवान की निकली भव्य रथयात्रा जय श्री आदिनाथ के नारों से गुंजा जिनालय | New India Times

पूज्य साध्वीजी भगवंत द्वारा सभी ध्वजाओ पर वासक्षेप किया गया। अष्टप्रकारी पूजन के पश्चात 9 बजे से जिनालय के सभी  शिखरों पर ध्वजारोहण लाभार्थी परिवारों द्वारा किया गया। आदिनाथ भगवान की आरती श्रीमती श्रीकांताबेन पन्नालालजी सेठिया परिवार ने उतारी।

प्रभु जी की निकली रथयात्रा
सुबह 10 बजे बावन जिनालय से प्रभुजी की बैंड-बाजों एवं ढोल के साथ रथयात्रा निकाली गई रथ में भगवान को लेकर श्रीमती इंद्राबेन वागरेचा बैठी थी। सारथी के रूप में सुभाषचंद्र कोठारी बैठे थे। भगवान के दोनों ओर बच्चों द्वारा चंवर ढुलाये जा रहे थे। युवाओं द्वारा भगवान का रथ खींचा गया जगह जगह भगवान के सम्मुख अक्षत श्रीफल से समाजजनों ने गहुली की गई, जय श्री आदिनाथ के नारों के साथ युवागण चल रहे थे रथयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई बावन जिनालय पहुंची।

उपाश्रय पर 11 बजे श्री शत्रुंजय तीर्थपट के समक्ष देवंवदन कर 21 खमासमणा  दिए गए। इस अवसर पर पूज्य साध्वी जी भगवंत द्वारा श्री सिद्धाचल जी तीर्थ के महत्व पर प्रकाश डाला एवं वेद कुमार पंकज कोठारी परिवार द्वारा श्री सिद्धाचल जी तीर्थ एवं गुरुदेव की आरती उतारी आरती गई। मंगलदीवो की आरती का लाभ श्रीमती मांगूबेन सकलेचा परिवार द्वारा लिया गया।

इस दौरान भाता के लाभार्थी दिलीप केसरीमल, समय राठौर परिवार रहे। दोपहर साढ़े 12 बजे से श्री संघ की ओर से सभी के लिए साधर्मीवात्सल्य का आयोजन श्री ऋषभदेव बावन जिनालय धर्मशाला में रखा गया। दोपहर 1.30 बजे से श्री सिद्धाचल नवांणु प्रकार पूजन का लाभ बाबुलाल नवलखा की स्मृति में जतनबेन नवलखा, यतिंद्र, हार्दिक नवलखा परिवार द्वारा लिया गया।

मुख्य मूलनायक आदिनाथ भगवान के शिखर पर ध्वजा का लाभ केसरीमल की स्मृति में दिलीप, विशाल, समय राठौर परिवार सहित समस्त 52 शिखरों पर लाभार्थी परिवारों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ ध्वज फहराया गया। दादा गुरुदेव की ध्वजा के लाभार्थी लीलाबाई शांतिलाल भंडारी परिवार है एवं सांभरण के कलश की अष्ट प्रकारी पूजन का लाभ सुजानमल, चंद्रसेन, प्रकाश, अभय, प्रदीप जैन परिवार द्वारा लिया गया है।

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