गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, दतिया में 13 से 17 अक्टूबर 2025 तक “सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) जागरूकता सप्ताह” का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों, चिकित्सा छात्रों और स्टाफ को जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर की जानकारी देना और प्रशिक्षित करना है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में वे प्रभावी प्रतिक्रिया कर सकें। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता डॉ. भारत वर्मा (विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसिया) ने की।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित थे, जिनमें डॉ. टैगोर (विभागाध्यक्ष, मेडिसिन), डॉ. भारती (विभागाध्यक्ष, टीबी एंड चेस्ट), डॉ. के. एन. आर्य (विभागाध्यक्ष, सर्जरी), डॉ. रवनीत सिंह, डॉ. दिव्या गौतम, डॉ. उमेश पटेल, डॉ. समर्थ और डॉ. आयुषी शामिल थे। एनेस्थीसिया विभाग के पीजी छात्र-छात्राओं ने भी प्रशिक्षण में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के पहले दिन लगभग 100 प्रतिभागियों को मैनिकिन की सहायता से हैंड्स-ऑन सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें उन्हें सिखाया गया कि कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थिति में छाती पर दबाव देकर और कृत्रिम श्वसन देकर जीवन कैसे बचाया जा सकता है। साथ ही यह भी बताया गया कि आपातकालीन सेवाओं को कैसे सूचित करें और प्राथमिक उपचार कैसे दें।
डॉ. भारत वर्मा ने कहा, “सीपीआर एक मूलभूत तकनीक है। अगर आमजन इसे सीख लें, तो सैकड़ों जानें बचाई जा सकती हैं। इस जागरूकता सप्ताह का उद्देश्य केवल चिकित्सा छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को जीवन रक्षक उपायों की जानकारी देना है।” आगामी दिनों में भी प्रशिक्षण जारी रहेगा, जिसमें मेडिकल छात्रों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक्स और आम लोगों के लिए अलग-अलग सत्र होंगे।
इन सत्रों में हैंड्स-ओनली, बेसिक लाइफ सपोर्ट, बाल रोगियों में सीपीआर, मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण, रियल-टाइम डेमोंस्ट्रेशन और प्रश्नोत्तरी सत्र शामिल हैं। आयोजकों ने स्थानीय जनता, मेडिकल स्टाफ और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
निष्कर्ष: गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, दतिया द्वारा आयोजित यह सीपीआर जागरूकता सप्ताह आमजन और चिकित्सा क्षेत्र दोनों के लिए बेहद लाभकारी है।

