नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

सुलेमान पठान को घेर कर मार डालने वाली नफ़रती सोच को एडवोकेट प्रकाश आंबेडकर ने संदेह के केंद्र मे खड़ा कर दिया है। मृतक सुलेमान के घर सांत्वना देने के लिए बेटावद पहुंचे वंचित बहुजन आघाड़ी के सुप्रीमो एड प्रकाश आंबेडकर ने पीड़ित परिवार के साथ केस से जुड़े तथ्यों पर बातचीत की। परिजनों के हवाले से एड. आंबेडकर ने बताया कि सुलेमान की मॉब लिंचिंग में कुल 19 आरोपी हैं जिनमें 10 गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। सांगली सातारा के इलाके में काम करने वाला शिव प्रतिष्ठान नाम का संगठन जिसे मनोहर भिड़े चलाता है वो ख़ानदेश में फैला है क्या? इस संगठन के हाथों सुलेमान की हत्या कराई गई है क्या जैसे गंभीर सवालों के जवाब जानने के लिए इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। एडवोकेट आंबेडकर ने लोकल पुलिस की ओर से चल रही जांच पर सवाल उठाए हैं।
विदित हो कि सुलेमान की मॉब लिंचिंग का कारण बनी वो नाबालिग लड़की पूरे मामले में कहीं नज़र नहीं आ रही है। सूत्रो के मुताबिक कुछ मुख्य संदिग्ध ऐसे हैं जो राजनीतिक संरक्षण के चलते इस केस में अब तक भी नामजद नहीं करवाए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले शेंदुर्णी के एक मुसलमान ड्राइवर को नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ़्तार कर पोक्सो का आरोपी बनाया। हिंदूवादी संगठनों ने इस मौके को लपक लिया और समुदाय विशेष को लेकर भाषणबाज़ी कर डाली। सुलेमान के मामले में पोक्सो का ज़िक्र सुनाई तो दिया गया लेकिन मनुवादी सोच से ग्रस्त लड़कों के गिरोह ने सुलेमान की हत्या कर के कानून की धज्जियां उड़ाकर रख दी। चंद पैसों के खातिर सत्ता के टूल किट बने बेरोजगारों को सनकी बनाकर लोकतंत्र के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया जा रहा है। गोदी मीडिया की घटिया रिपोर्टिंग में धर्म जाति लिंग पंथ के एंगल पर अधिक जोर दिया जा रहा है।

