वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

डिजिटल इंडिया के दौर में भी गोला तहसील के अजान कस्बे और आसपास के दर्जनों गांव नेटवर्क समस्या से जूझ रहे हैं। यहां बीएसएनएल और जिओ टावर की हालत बद से बदतर बनी हुई है। कस्बे में मौजूद टावर बिजली पर ही निर्भर है और बिजली न होने की स्थिति में संपूर्ण मोबाइल सेवा ठप हो जाती है। टावर में जनरेटर होने के बावजूद उसे चलाया नहीं जाता, जिससे उपभोक्ताओं को नेटवर्क और इंटरनेट सेवा दोनों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टावर की रेंज इतनी कमजोर है कि घर के अंदर मोबाइल नेटवर्क मिलना मुश्किल है। बात करने के दौरान आवाज कट जाती है या कॉल ही नहीं लगती। इंटरनेट की स्पीड इतनी धीमी है कि 4जी और 5जी सेवा का लाभ उठाना नामुमकिन हो गया है।
ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग, दस्तावेज भेजना जैसे जरूरी काम बाधित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में जिओ की सेवा अच्छी थी, जिस कारण उन्होंने अन्य कंपनियों से नंबर पोर्ट करवा लिए थे, लेकिन अब स्थिति उलट हो गई है। वर्षों से लगातार शिकायतों के बाद भी न तो रेंज की क्षमता बढ़ाई गई है और न ही जनरेटर को चालू किया गया है। यह समस्या सिर्फ अजान कस्बे तक सीमित नहीं है। बगहा, कोरैया, सुहेला, इमलिया, काना खेड़ा, परसेडिया, शहाबुद्दीनपुर जैसे आसपास के कई गांव भी इसी टावर पर निर्भर हैं और नेटवर्क संकट से त्रस्त हैं। ग्रामीणों ने बीएसएनएल और जिओ कंपनियों से टावर की तकनीकी खामी को तत्काल दूर करने, रेंज बढ़ाने और जनरेटर को चालू करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की मोबाइल और इंटरनेट सेवा बहाल हो सके।

