रियाज़ फ़ारूक़ खोकर के चश्मे चिराग़ रेहान खोकर ने मौलाना शरफुद्दीन साहब की निगरानी में कुरआन ए पाक का हाफ़िज़ा किया मुकम्मल | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

रियाज़ फ़ारूक़ खोकर के चश्मे चिराग़ रेहान खोकर ने मौलाना शरफुद्दीन साहब की निगरानी में कुरआन ए पाक का हाफ़िज़ा किया मुकम्मल | New India Times

शहर के सियासी समाजी रहनुमा रियाज़ फारुक खोकर के साहबजादे मोहम्मद रेहान खोकर द्वारा उस्ताद मौलाना शरफुद्दीन साहब की निगरानी, रहनुमाई और सरपरस्ती में मुक़द्दस कुरआन मजीद हिफ्ज़ मुकम्मल करने पर दीनियात सेंटर मकतब नूर शाह सूफी सेहत कुआं बुरहानपुर में दुआ का एहतेमाम किया गया। इस अवसर पर हज़रत मौलाना नईम फ़ैज़ी ने जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि दुनियावी पढ़ाई के साथ साथ दीनी तालीम पर गौर करना चाहिए। उन्होंने कुरआन व हदीस के हवाले से कहा कि हाफ़िज़ ए कुरान रोज़े कयामत के दिन अपनी सात पुश्तों की बख़्शीश की अल्लाह से गुजारिश करेगा, जिसे अल्लाह काबूल कर लेगा और उनके सारे गुनाह माफ़ कर उन्हें जन्नत में भेज दिया जाएगा।

उन्होंने कुरान मजीद पर रोशनी डालते हुए कहा कि एक बच्चा कुरान मुकम्मल करने एक साल या ज्यादा से ज्यादा डेढ़ साल का वक्त लेता है, जबकि कुछ बच्चे कुरान मजीद को चंद महीनों में पूरा कर लेते हैं, लेकिन क़ुर्बान जाऊं अल्लाह की रहमतों पर मरते दम तक क़ुरान मजीद सीने में हिफाज़त से रेहता है। बीमारी हो या कुछ भी इंसान इसे नहीं भूलता है, दुनिया के हर मुसलमान के सीनों में कुरान मजीद पेवस्त है। मौलाना इरफान साहब ने कहा कि कुरान पढ़ लेने भर से दुनिया और आख़िरत नहीं संवरने वाली, बल्कि कुरआनी तालीमात पर अमल करना भी जरूरी है। मौलाना ने बच्चों से कहा कि सीने में कुरान की दौलत आ जाने से अपने तर्ज़ ए जिंदगी को भी इसी के मुताबिक बदल लें। लोगों को बुराई से रोकना और भलाई के कामों की तरफ बुलाना एहले ईमान पर फ़र्ज़ है।

मौलाना अतीक साहब ने कहा कि कुरान हमें सच बोलने, मजलूम की हिमायत करने और सब्र ओ शुक्र करने की तालीम देता है। हाफिज़ ए कुरान का अल्लाह के यहां बड़ा मक़ाम है। कुरान पूरी इंसानियत और मुसलमानो के लिए सबसे  अज़ीम नेअमत है। यह क़यामत तक के लिए इंसानों के लिए हिदायत है। दुनिया तक क़ुरान मजीद की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी अल्लाह ने अपने जिम्मे ली है। इसे याद करना बड़े रुतबे की बात है,यह खुशी धन से नहीं बल्कि छात्र और उस्ताद की कड़ी मेहनत और अल्लाह के फ़ज़ल से होता है।

मौलाना शरफुद्दीन साहब ने कहा कि जो बच्चा कुरान को हिफ्ज़ करता है उसको अल्लाह बेशुमार इनामों से नवाज़ता है, उन्होंने कहा: कुरान मजीद को हिफ्ज़ करने वाले बच्चे के मां-बाप क़यामत के दिन अल्लाह उनके सर पर ताज पहनाएगा, जिसकी रोशनी सूरज से भी ज्यादा चमकदार होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मदारिस के बच्चे एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे। इस अवसर पर परिवारजनों, रिश्तेदारों, ईष्ट मित्रों, दोस्त एहबाब,शुभ चिंतकों, और नगर के गणमान्य लोगों ने बच्चे को दुआओं से नवाज़ा और रियाज़ फ़ारूक़ खोकर की खिदमत में मुबारकबाद पेश की।

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