नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

2027 नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए CM देवेन्द्र फडणवीस और उनके मंत्रियों की होने वाली बैठके अखबारों के लिए टेबल न्यूज़ की खुराक बन चुकी है। मेला प्रबंधन की सारी ज़िम्मेदारी नागपुर IIM को सौंपकर देवेन्द्र फडणवीस ने NCP से अभिभावक मंत्री बनाने की ओर इशारा किया है। प्रयागराज महाकुंभ में अजय कुमार बिष्ट (योगी) सरकार के कुप्रबंधन ने 70 से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार डाला। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर भारत द्वारा पाकिस्तान के साथ किए गए युद्ध विराम के बाद देश दुनिया के सामने मोदी सरकार की घटिया विदेश नीति की पोल खुल चुकी है। बीजेपी शासित एक एक राज्य में पार्टी का जीत पाना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा।

इस साल के अंत में होने जा रहे बिहार विधानसभा चुनाव के बाद शायद बीजेपी दिल्ली महाराष्ट्र बिहार के सदनों में विपक्षी मेज पर नज़र आएगी। 2027 UP में होने वाले विधानसभा के आम चुनावों में धर्म और आस्था का रंग भरने के लिए बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व नासिक सिंहस्थ पर विशेष रूप से ध्यान दे रहा है। कांक्रीट सड़क निर्माण मंत्री नितिन गडकरी महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक से सक्रिय हो चुके हैं। महायुति में एकनाथ शिंदे बनाम बीजेपी+NCP अजित पवार ऐसी स्थिती है। सिंहस्थ कुंभ के लिए सरकारी तिज़ोरी से आबंटित किए जाने वाले सैकड़ो करोड़ रुपए के फंड का पुण्य पाने की चाहत रखने वाले मंत्रियों ने नासिक के अभिभावक मंत्री पद को अपनी प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। अगली रिपोर्ट में हम जलगांव औरंगाबाद (छत्रपति संभाजी नगर) फोरलेन को समानांतर सड़क बनाए जाने की मांग की समीक्षा करेंगे।

