नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
खबर में प्रकाशित वीडियो ध्यान से देखिए काले रंग के HDP पाइप के ठीक नीचे मुख्य जलवाहक पाइप को जेसीबी का फावड़ा लगने के कारण उसमें से पानी जाया हो रहा है। दो दिन से हजारों लीटर पानी गटर में बह रहा है और नगर परिषद तीसरे दिन मरम्मत के लिए पधारी है। जमीनी सतह से मात्र डेढ़ फीट नीचे वाघूर की मेन लाइन है। 2011-12 सुखे की चपेट में आए जामनेर को पीने का पानी मुहैय्या कराने के लिए विधायक गिरीश महाजन ने वाघूर डैम से जामनेर तक 15 किमी लंबी दो भूमिगत पाइप लाइने बिछाई थी। भविष्य में सड़क चौड़ी हो कर एक लाइन सड़क के बीच में आ गई जो बार बार लगातार लीकेज हो कर अधिकारियों की जेब भर रही है।
2002-2025 इन 23 सालों में निगम के जलवितरण विभाग पर सरकारी तिज़ोरी से 500 करोड़ से अधिक पैसा खर्च कर दिया गया है। महाजन के मंत्री बनने के बाद नगर परिषद को फंड का सैकड़ों करोड़ रुपया आया जिनसे सड़क बिजली पानी जैसे बुनियादी काम हुए हैं जो ग्राम पंचायत के रहते भी हुआ करते थे। शहर विकास को लेकर अगले 50 साल का प्लानिंग विजन कहीं नज़र नहीं आता है। जनता मांग कर रही है कि वाघूर की मुख्य लाइनों को उखाड़कर हमेशा के लिए फोरलेन के बाहर शिफ्ट कर दिया जाए।
कब नपेंगे CSC सेंटर : फरवरी 03 , 2025 को आपले सरकार केंद्रों के दर सूची की शिकायत पर फरवरी 07 , 2025 को तहसीलदार का आदेश होने के बाद आज तीन महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रऊफ शेख की इतनी सी मांग है कि सरकार नाम के केंद्र अपने दुकान के बाहर सरकारी सेवा शुल्क का बोर्ड लगाए। जामनेर तहसील कार्यालय को नासिक संभाग में नंबर वन रैंक मिली है। कमाल की बात है एक शिकायत पर तहसीलदार की ओर से जारी आदेश का अमल शून्य है।

