नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्रामीण भारत को आपस में जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू करी। 1995 के उस दौर में अटलजी की बीजेपी पर भरोसा कर के जनता ने कई बेकार लड़कों को MP MLA बना दिया। तब के फटीचर आज हज़ारों करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। राज्यों ने PMGSY की कॉपी कर CMGSY मैदान मे उतारी। जलगांव जिले में सबसे अधिक CMGSY के काम चल रहे है। 9 लाख 34 हजार करोड़ रुपए के कर्ज़ में डूबे राज्य की खाली तिज़ोरी को और अधिक कर्ज़ मे डूबोने के लिए विश्व बैंक से फंड लुटा जा रहा है। नाबार्ड पोषित CMGSY PMGSY के टेंडर्स का पैसा फास्ट रिलीज़ कर दिया जाता है। ठेकेदार ने जामनेर कोदोली सड़क पर सड़क चढ़ा दी है।
आप हाथ से इस सड़क को उखाड़ कर सनी देओल की किसी फिल्म को नया एक्शन सीन ऑफर कर सकते हैं। जामनेर ब्लॉक में गांवों को नज़दीक लाने के लिए नई सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है जो गुणवत्ता रहित निर्माण के कारण ठेकेदारों की रईसी में चार चांद लगा रहा है। सरकारी लैब टेस्टिंग में सारा का सारा मटेरियल दो नंबर के रस्ते एक नंबर का ठप्पा लगाकर पास करवा लिया जा रहा है। वर्क साइड पर मिलता है 3rd ग्रेड माल। डामर बचाने के लिए बड़ी गेज की गिट्टी उस गिट्टी में मिट्टी और इसी मिट्टी में आप जनता के खून पसीने का पैसा मिलाकर कार्पोरेट अपनी चमड़ी सोना पहनकर चमकाता है। धर्म की चादर के नीचे चलने वाले सत्ता से शोषण के इस काले सच को देखना अमृत काल में “अ”धर्म माना गया है। नाबार्ड की ओर से महाराष्ट्र में जितने भी सड़कों के टेंडर दिए गए हैं उन सब का CAG की ओर से ऑडिट किए जाने की मांग की जा रही है।

