नगर निगम भोपाल में पदस्थ सामाजिक न्याय विभाग की सामाजिक सुरक्षा अधिकारी नियमों की धज्जियां उड़ा कर रही हैं मनमानी | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

नगर निगम भोपाल में पदस्थ सामाजिक न्याय विभाग की सामाजिक सुरक्षा अधिकारी नियमों की धज्जियां उड़ा कर रही हैं मनमानी | New India Times

नगर निगम भोपाल में पदस्थ सामाजिक न्याय विभाग की सामाजिक सुरक्षा अधिकारी मनमानी कर नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं।
राज्य सरकार की महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं की प्रदेश की गरीब निर्धन बालिकाओं के विवाह हेतु प्रत्येक निकाय द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा जिससे किसी गरीब जरूरतमंद निर्धन माता-पिता की बेटी संसाधनों की कमी के कारण विवाह से वंचित न रहे।
यह कार्यक्रम पूरी तरह से निःशुल्क होंगे और इनका आयोजन ग्रामीण/नगरीय निकायों द्वारा किया जाएगा जिसमें सभी समाजों के लोग शामिल होंगे जिसका उद्देश्य समाज में व्याप्त छुआछूत भेदभाव को मिटाना होगा। जब शासन की योजना में स्पष्ट निर्देशित है कि ऐसे सभी आयोजन शासकीय आयोजन होंगे और विभिन्न समाजों को एक मंच पर लाकर शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जाएगा लेकिन प्रदेश की राजधानी भोपाल में ही देखने में आ रहा है कि आज अक्षय तृतीया के मुहूर्त पर अलग-अलग समाजों द्वारा अलग-अलग अपने सामाजिक आयोजन किए जा रहे हैं जो कहीं ना कहीं योजना के उद्देश्यों एवं शासकीय निर्देशों की खुली अवहेलना है।
नगर निगम भोपाल द्वारा पूर्व में आयोजित निकाह सम्मेलनों में भोपाल जिले के ही ग्रामीण निकाय जैसे जनपद फंदा एवं बैरसिया की सैकड़ो लड़कियों के फॉर्म यह कहकर बाहर कर दिए गए थे की नगर निगम द्वारा सिर्फ उन लड़कियों का विवाह और निकाह कराया जाएगा जो कि नगर निगम भोपाल की रहने वाली होगी जिस कारण सैकड़ो लड़कियों की विवाह/निकाह की तैयारी हो जाने और हाथों में मेहंदी लग जाने के बावजूद आखिरी मौके पर उनके शादी के सपनों को चकनाचूर कर दिया गया था।
जबकि मुख्यमंत्री विवाह निकाह योजना के नियमों में स्पष्ट उल्लेख है की बेटी प्रदेश के किसी भी निकाय की रहने वाली हो सकती है।
बेटियों की सशक्तिकरण की बात करने वाली प्रदेश सरकार की राजधानी में ही नगर निगम भोपाल द्वारा ऐसा किया गया और राजधानी भोपाल में शासन प्रशासन के हजारों अधिकारी होने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारी आंख मूंदकर सब अन्याय होता देखते रहे और बेटियां अपने विवाह निकाह मैं अपने हाथ पीले होने के इंतजार में बैठी रहीं।
ज्ञात हुआ है कि जहां नगर निगम ने विवाह का सम्मेलन तो कर लिया वही निकाह सम्मेलन की कोई तैयारी नहीं की गई है और लोग लगातार नगर निगम भोपाल के वार्ड कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं और आगामी तिथियां के संबंध में पूछताछ कर रहे हैं जहां से उनको यह कहकर लौटाया जा रहा है कि निकाह की अभी कोई दिनाँक निश्चित नहीं की गई है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.