विद्यार्थी शाला समय के साथ-साथ छुट्टियों में भी सीखेंगे कंप्यूटर, जनसहयोग से निःशुल्क कंप्‍यूटर शिक्षा प्रारंभ | New India Times

मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

विद्यार्थी शाला समय के साथ-साथ छुट्टियों में भी सीखेंगे कंप्यूटर, जनसहयोग से निःशुल्क कंप्‍यूटर शिक्षा प्रारंभ | New India Times

शासकीय हाईस्‍कूल सावरगांव (पांढुर्णा) में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थीयों, जिनमें 85% गरीबी रेखा के नीचे हैं और जो ग्रामीण क्षेत्र से 4 से 9 किलोमिटर पैदल चलकर अध्‍ययन के लिए आते हैं, उनके लिए प्राचार्य शीला सांबारे ने विद्यालय की आवश्‍यक्‍ताओं को देखते हुये पांढुर्णा जिले के सामाजिक संगठनों, प्रतिष्‍ठानों, व्‍यापारीयों, कम्‍पनीयों और समाजसेवियों से घर-घर, प्रतिष्‍ठानों और कंपनियों में जाकर सहयोग की अपील की थी।
इस अपील से प्रभावित होकर शाला में परीवार सहित पधार कर शाला की आवश्‍यक्‍ताओं को देखकर, गोपाल रेडियम आर्ट पांढुर्णा (नागपुर नागरीक बैंक शाखा पांढुर्णा के नीचे स्थित) प्रतिष्‍ठान के संचालक श्री. गोपाल सावरकर एवं उनकी धर्मपत्‍नी श्रीमती वन्‍दना सावरकर, (महिला एवं बाल विकास आंगनवाडी संचालिका, पंढरी वार्ड, पांढुर्णा) इन्‍होंने अपने पिता स्‍वर्गीय श्री. शेषराव सावरकर की स्‍मृति में विद्यालय दो कंप्‍यूटर CPU भेंट किए।
विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने दानदाता परिवार का आत्‍मीय हार्दिक स्‍वागत किया। अब विद्यार्थी नियमित रूप से कंप्‍यूटर शिक्षा प्राप्‍त कर सकेंगे जिसमें बेसीक कंप्‍यूटर स्किल, विन्‍डोज ऑपरेटिग सिस्‍टम, MS Word, MS Excel, पेन्‍ट जैसे एप्‍लीकेशन सॉफ्टवेयर सीख सकेंगे।
छुट्टियों के दिनों में भी उन्‍हें कंप्‍यूटर सुविधा मिलेगी। विद्यार्थीयों को कंप्‍यूटर का अतिरिक्‍त ज्ञान प्राप्‍त होने से अब उनका भविष्‍य एक नयी दिशा की ओर जायेगा, एक अति‍रिक्‍त विषय कंप्‍यूटर जोडा जायेगा, वे स्‍वंयम प्रायोगिक तौर पर सीखकर बिना किसी शुल्‍क के आत्‍मनिर्भर बनेंगे।पालकगण, विद्यार्थियों तथा शिक्षिकाओं ने कंप्‍यूटर पाकर खुशी व्‍यक्‍त की है।
समस्‍याओं का मकड़जाल कहां नहीं है, सफलताएं और असफलताएं तो आती-जाती रहेंगी, जरूरी यह है कि आप जो कर रहें हैं, उसमें ही खुशी ढूंढे, प्रेरणादायी तरीका खोजे, काम में खुशी का महत्‍व खोजे, अंतरात्‍मा की आवाज सुनें, ईश्‍वर हमेशा आपकी मदद करेंगे। प्राचार्य द्वारा कंप्‍यूटर प्राप्‍त करने हेतु शासन को भी पत्र लिखा गया है, परन्‍तु शासकीय सहायता में देरी हुई तो श्री. सावरकर परिवार ने खुद आगे आकर बच्‍चों के भविष्‍य संवारने में मदत की है। इसी प्रकार समर्थ लोग निर्बल लोगों को मदद और स्‍नेह दें तो धरती पर भी स्‍वर्ग का अनुभव होता है।
गोपाल सावरकर के अनुसार बहुआयामी कंप्‍यूटर का उपयोग वर्तमान में सभी क्षेत्रों में है, इसके बिना अध्‍ययन अधूरा है, कंप्‍यूटर का उपयोग रेडियम आर्ट में कैसे किया जाता है यह भी समझाया, विद्यार्थियों की जिज्ञासा देखकर सावरकर परिवार ने प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त कर कहा कि भविष्‍य में भी वे विद्यार्थियों के विकास हेतु कार्य करते रहेंगे। बच्चों के भविष्य को और अधिक साकार बनाने में श्रीमती शीला सांबरे का सराहनीय कदम रहा।

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