नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

बिजनेस के लिए अमरीकन निवेशकों से जमा किए गए 2200 करोड़ रुपए की रकम को अधिकारियों में रिश्वत के तौर पर इस्तेमाल करने के आरोप में न्यूयार्क की अदालत में मुकदमे का सामना कर रहे भारत के उद्योगपति गौतम अदानी और उनके भतीजे सागर समेत सात आरोपियों को अमरीका ने पेशी का नोटिस भेजा है। सिक्योरिटी एक्सचेंज कमीशन अमरीका द्वारा भारत सरकार के कानून मंत्रालय को भेजी गई नोटिस आरोपियों को जारी की जाने की जानकारी कमीशन ने न्यूयार्क कोर्ट को दी है। भारत के कानून मंत्रालय ने इस नोटिस को 25 फ़रवरी को अहमदाबाद जिला न्यायालय को भेज दिया है। अब अहमदाबाद कोर्ट इस नोटिस को शांतिवन फार्म कर्णावती क्लब के पीछे, गांधीनगर सर्केज हाइवे अहमदाबाद गुजरात इस पते पर तामील मे लाता है के नही यह देखना रोचक होगा। कानून मंत्रालय द्वारा अहमदाबाद कोर्ट को टालमटोल के लिए सुझाव खुले कर देने की जानकारी सामने आ रही है। ज्ञात हो कि अंतर्राष्ट्रीय समझौतो के तहत किए गए “हेग” अनुबंध के अनुसार भारत को अदानी मामले में अमरीका की न्याय प्रणाली को सहयोग करना है। नोटिस में कहा गया है कि आरोपियों को उनपर लगाए गए तमाम आरोपों के बारे में इसके पहले सब कुछ बता दिया गया है। हेग अनुबंध के अधीन कानूनी प्रक्रियाओ का पालन नहीं होने की स्थिति में Security & Exchange Commission Amrica+ Department of justice Amirica + Newyork Court की ओर से इंटरपोल को सूचना कर अदानी समेत सभी आरोपियों को कोर्ट में पेशी के लिए अमरीकन सरकार गिरफ्तार करेगी। भारत एक लोकतांत्रिक देश है हमारे देश का संविधान सर्वोपरी है। देश से जुड़ा हुआ कोई भी मामला व्यक्तिगत नहीं हो सकता। अदानी मामले में भारत सरकार को सारे तथ्य जनता के सामने रखने चाहिए, विपक्ष के साथ बैठना चाहिए, विपक्ष से बात करनी चाहिए।

