मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (AIBEA) की बुरहानपुर शाखा के मार्गदर्शन में विशेष सामाजिक पहचान कार्यक्रम (social identification program) के तहत बुरहानपुर के तुलसी मॉल स्थित होटल ग्रैंड शिवम में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित कर एक नवाचार किया। बैंकिंग उद्योग से जुड़ी मेज़बान महिलाओं में सर्वश्री प्रतिभा पुष्पेंद्र कापड़े (बैंक ऑफ़ बड़ौदा) एवं राखी कक्कड़ (बैंक ऑफ़ इंडिया) के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ये आयोजन इस लिए ऐतिहासिक कहा जा सकता है कि इस आयोजन में केवल महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भी किया गया। जिस में बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी कई प्रमुख महिलाओं ने इस आयोजन में भाग लेकर इसको सफलता प्रदान की।
इस कार्यक्रम का संचालन एडना डी’क्रूज (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया) और निश्चा राठौर (गायिका एवं संगीतकार) ने किया।
संस्कृति, प्रेरणा और जागरूकता से सजा समारोह:-
इस भव्य कार्यक्रम में सोलो डांस, समूह नृत्य, कविताएं और गीत जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। माँ-बेटी की जोड़ी द्वारा विशेष नृत्य ने भावनात्मक रूप से सभी को जोड़ दिया और महिलाओं के आपसी संबंधों की गहराई को दर्शाया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को न केवल मनोरंजन, बल्कि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी जानकारियाँ भी प्रदान की गईं।
महिला स्वास्थ्य, मानसिक शांति और कल्याण पर जागरूकता सत्र:-
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में से एक महिलाओं के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण पर विशेष सत्र था। इस अवसर पर प्रतिष्ठित मुख्य अतिथियों में (1) सुश्री नेहा मुंगी (आर्ट ऑफ लिविंग) ने मेडिटेशन और मानसिक शांति पर, (2) सुश्री मंजू काले (प्रसिद्ध चित्रकार, कई पुरस्कार विजेता और प्रदर्शनी आयोजक) ने कला के माध्यम से महिलाओं की अभिव्यक्ति और सशक्तिकरण पर (3) सुश्री मालविका धोगीवाला (मनोचिकित्सक, पर्यावरणविद् एवं समाजसेवी) ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-सम्मान को बढ़ाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए। (4) वहीं बुरहानपुर जिले की पहली महिला सनदी लेखापाल (चार्टर्ड अकाउंटेंट) सुश्री मुस्कान नीरज कक्कड़ ने वित्तीय स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता पर अपने विचार साझा किए।
निष्कर्ष के रूप में यह कहा जा सकता है कि महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने महिलाओं के लिए संतुलित आहार, व्यायाम, और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर चर्चा की, साथ ही तनाव प्रबंधन, आत्म-देखभाल और ध्यान (मेडिटेशन) के लाभों पर भी प्रकाश डाला। आयोजन समिति में शामिल महिलाओं में सर्वश्री (1) प्राची तिर्की (बैंक ऑफ इंडिया)(2) प्रतीभा टेकाम (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया) (3) अपर्णा तायड़े (बैंक ऑफ इंडिया) (4) पुष्पा अग्रवाल (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) (5) रूपाली बजाज (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) (6) प्रतीभा पाटिल ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समापन और संदेश:-
यह आयोजन सिर्फ एक उत्सव नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करने का एक मंच है। बुरहानपुर में पहली बार इस तरह का आयोजन होना एक नई शुरुआत है, और हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह परंपरा और मजबूती से आगे बढ़ेगी।
इस आयोजन ने न केवल महिलाओं को सम्मानित किया, बल्कि उनके संपूर्ण स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सशक्तिकरण के महत्व को भी उजागर किया। बैंकिंग इंडस्ट्री से जुड़ी कई महिलाओं की इस पहल ने साबित कर दिया कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी क्षेत्र महिलाओं की नेतृत्व क्षमता से अछूता नहीं रह सकता। इस आयोजन में बुरहानपुर की प्रथम महिला सनदी लेखापाल (चार्टर्ड अकाउंटेंट) मुस्कान कक्कड़ को आमंत्रित करना, वित्तीय स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता पर उनके विचारों को जानना, उनका सम्मान करना भी इस बात की ओर इशारा करता है कि देश की उन्नति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए देश की महिला शक्ति को आगे बढ़ाया जा रहा है।

