फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर दलित समाज और महिलाओं पर हो रहे शोषण और उत्पीड़न से इतने आहत हैं कि वे राजधानी दिल्ली स्थित संसद भवन के सामने शहीद होने निकल पड़े थे। उन्हें दिल्ली पुलिस की तरफ से और महामहिम राष्ट्रपति की तरफ से शहीद होने की इजाजत नहीं मिली थी। इतना ही नहीं, बल्कि एतिहात के तौर पर तंवर को हिरासत में लेकर वहां रखा था जहां वीर अमर शहीद सरदार भगत सिंह को रखा गया था। अब भीमसेना के मुखिया सतपाल तंवर यमुनानगर से सम्पूर्ण हरियाणा में साइकिल यात्रा करेंगे।
आने वाली 17 फरवरी से संत शिरोमणि सदगुरु रविदास महाराज कपालमोचन डेरा से शुरू होकर यह यात्रा पूरे हरियाणा में जाएगी और बहुजन समाज की जन समस्याओं को इक्कठा करेगी। तंवर ने बताया कि यह यात्रा एक नया इतिहास लिखेगी हो मान्यवर साहब कांशीराम के रुके हुए कारवां को आगे बढ़ाएगी। भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सतपाल तंवर ने बताया कि यह यात्रा पूरे हरियाणा से होकर दिल्ली पहुंचेंगी और बाबा साहब डॉ० भीमराव अम्बेडकर के मिशन को मंजिल तक लेकर जाएगी।

