मत्स्य विभाग की टीम का छापा, प्रतिबंधित मांगुर मछलियां नहीं मिली | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

मत्स्य विभाग की टीम का छापा, प्रतिबंधित मांगुर मछलियां नहीं मिली | New India Times

इंसानों के लिए घातक मानी जानी वाली मांगुर मछली के पालन और बिक्री पर सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद कुछ लोग ज्यादा लाभ कमाने के चक्कर में इन मछलियों का पालन और व्यवसाय कर रहे हैं। मत्स्य विभाग ने सूचना मिलने के बाद इतवारा मछली मार्किट में छापा मारा हलाकि छापा में कुछ नहीं मिला टीम को बैरंग लौटना पड़ा। मत्स्य विभाग के सहायक संचालक श्री शिरीष अग्निहोत्री के नेतृत्व में कार्यवाही की गई है।

सहायक संचालक श्री शिरीष अग्निहोत्री ने बताया कि इससे पहले हबीबगंज मार्किट में भी रेड की थी वहाँ भी कुछ नहीं मिला था हलाकि खबरें बराबर मिल रही है ये कार्यवाही लगातार चलती रहेगी। बता दे की मांगुर मछली पर प्रतिबंध लगाने के पीछे इससे होने वाला पर्यावरण और स्वास्थ्य को नुकसान है। मांगुर मछली के खाने से कैंसर और कई गंभीर रोग हो सकते हैं। यह मछली मांस खाती है, जिसकी वजह से इसका शरीर बहुत तेजी से बढ़ता है। मांगुर मछली में आयरन और लेड बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है, जिसके कारण यह इंसान और पर्यावरण दोनों के लिए खतरनाक है। कहा जाता है कि मांगुर मछली जिस तालाब या जलाशय में रहती है, वहां दूसरी प्रजाति की एक भी मछली या कीड़े-मकोड़े तक नहीं बचते। यह मछली दूसरी मछलियों को भी अपना शिकार बनती है।

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