अफवाह के बाद चैन पुलिंग, पटरी पर उतरे यात्रियों को दूसरी गाड़ी ने कुचला, 7 की मौत 15 घायल | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

अफवाह के बाद चैन पुलिंग, पटरी पर उतरे यात्रियों को दूसरी गाड़ी ने कुचला, 7 की मौत 15 घायल | New India Times

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में अफ़वाह के कारण ट्रेन में सफ़र करने वाले 7 यात्रियों को अपनी जान गंवाना पड़ी है। लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में अचानक से आग लगने की बात फैल गई। इसी घबराहट में यात्रियों में से किसी ने चैन पुलिंग की और गाड़ी को माहीजी-परधाडे स्टेशन के बीच रोक दिया गया। ट्रेन से नीचे उतरे 100 से अधिक लोग दूसरी मुख्य लाइन की पटरी पर टहल रहे थे कि उसी पटरी पर तेजी से दौड़ रही बंगलौर नई दिल्ली कर्नाटका एक्सप्रेस की चपेट में आकर 7 लोगों की मौत हो गई और 10 से 15 लोग घायल हो गए। हम इस ट्रैक को बखूबी जानते हैं, चालीसगांव तक इसे फोर लेन बनाया जा चुका है। इस लाइन पर जहां पुष्पक एक्सप्रेस को चैन पुलिंग के बाद जांच के लिए रोका गया था वहां बड़ा सा कर्व यानी हाफ जीरो शेप टर्न है, दोनों लाइन पर विजिबिलिटी स्पष्ट नहीं है। सिग्नल नहीं मिलने पर जब ट्रेनों को सुरक्षित ठिकाने पर रोकना पड़ता है तब यात्री ट्रेन से नीचे उतरकर दूसरे ट्रैक पर घूमने फिरने और टहलने लगते हैं। जलगांव जिले की घटना में आग लगने की अफ़वाह से चैन पुलिंग की गई जिसके बाद लोको पायलट ने ट्रेन को तत्काल प्रभाव से माहीजी परधाडे के बीच रोका और यह हादसा हो गया। जलगांव जिला मजिस्ट्रेट ने मीडिया के सामने 7 लोगों के मरने की पुष्टि की है। मृतकों और घायलों का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। पुष्पक में आग लगने की अफ़वाह कैसे और किसने फैलाई? सच में ऐसा कुछ हुआ था या नहीं इसकी सूचना कर्नाटका एक्सप्रेस के लोको पायलट को पास करवाई गई थी जिससे कि वो जीरो शेप टर्न पर ट्रेन की गति को घटा सकता था। ऐसे तमाम सवाल है जो रेलवे के तकनीकी सिस्टम से संबंधित है।

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