इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के तत्वाधान में आयोजित “यही समय है, सही समय है”, कक्षा 9 से 12 तक कॅरियर एवं व्यक्तित्व विकास पर मोटिवेशनल टॉक कार्यक्रम स्थानीय मानस भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद तिवारी, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, जिला न्यायाधीश धर्मेश भट्ट की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को पानी से आधी भरी हुई बॉटल का उदाहरण देते हुए कहा यह सत्य है कि यह आधी भरी है और यह भी सत्य है कि आधी खाली है, हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम सकारात्मक सोच लेकर चल रहे हैं या नकारात्मक सोच लेकर।

उन्होंने कहा मैं एक व्यक्तित्व हूं मेरे अंदर कुछ अच्छाइयां और कुछ बुराइयां हैं, यदि आप मेरी बुराईयों को देखेंगे तो आप बुरी चीजों को आत्मसात कर रहे हैं और यदि आप मेरी सकारात्मक चीजों को देखेंगे तो आपको लगेगा कि इनमें गुण ज्यादा है, मुझे भी ऐसे गुण तैयार करने चाहिए। उन्होंने छात्रों से कहा इन बातों को गांठ बांधिये, ये बातें हमारे जीवन के प्रबंधन में बहुत काम आती है। जीवन में हमेशा अच्छे लोगों की संगत करना है, अपने आप की तुलना कभी किसी से नहीं करनी है, आप अपने आप में संपूर्ण है। जीवन में नकारात्मक नहीं सोचना है, सकारात्मक सोचते हुए आगे बढ़ना है।

जिला न्यायाधीश धर्मेश भट्ट ने कहा
शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान में काफी वृद्धि हुई है, प्रतिर्स्पधा बहुत ज्यादा हो गया है, जो क्लास के एग्जाम होते हैं, वह महत्वपूर्ण है, उन्हें नजर अंदाज नहीं किया जा सकता लेकिन सब कुछ वही नहीं है, सरकारी नौकरी पाने के लिए आपको कड़ा प्रतिर्स्पधा फेस करना पड़ता है। इसकी एक्जाम प्रोसेस अलग है, उनकी रिक्वायरमेंट अलग है।
उन्होंने कहा अपने व्यक्तित्व का विकास करें,
प्राइवेट सेक्टर हो, सरकारी सेक्टर हो चाहे आप कोई बिजनेस करते हैं आपका व्यक्तित्व महत्वपूर्ण है कि आप अपनी बात कैसे रखते हैं, कितने प्रभावशाली तरीके से निर्णय लेते हैं, सफलता बहुत कुछ इन बातों पर निर्भर करती है।
दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा
जिले के मुखिया दमोह कलेक्टर ने कहा हमारी टैगलाइन है “यही समय है, सही समय है” इसके बाद समय आने वाला नहीं है। यदि यह समय निकल जायेगा तो वापिस फिर कभी नहीं आयेगा। जो बच्चे कक्षा 09 वीं में है, भविष्य में क्या करना है अभी से इसका लक्ष्य निर्धारित कर लें। आप इससे जितना विलंब करते जायेंगे, उतना अपने करियर में पीछे होते जायेंगे, फिर चीजों को ठीक करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
कक्ष 9 वीं में तीर कमान पर लग जाना चाहिए, सभी बच्चे अलर्ट हो जाये कि भविष्य में क्या करना है। जब बच्चे कक्षा 11 वीं में आते हैं, तो उन्हें प्रॉब्लम होती है कि कौन सा विषय लें, आपके पास बहुत कम च्वाईस होती है, खास करके छोटे जिलों में। उन्होंने कहा बहुत कम स्थानों पर ऐसा बचा है कि जहां पर 11 वीं का विषय आपके लिए आगे की भूमिका तय करता है, बाकी सभी जगह पर जो परीक्षाएं आगे होती है उसका 11 वीं के विषय चयन से कोई लेना देना नहीं है, जैसे यदि आपको आईएएस की परीक्षा देना है तो उसके लिए आप कोई भी विषय लेकर पढ़ाई कर सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने कहा
कार्यक्रम में बच्चों को मंच से संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने कहा कक्षा 11वीं, 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण है, अभी निर्णय कर लें की भविष्य में किस क्षेत्र में जाना हैं, प्रयास करें कि उस डायरेक्शन में अपने आप को ले जाएं, जिसमें जब आप काम करना शुरू करें तो इतने तल्लीन हो जाए की आपको पता ही ना चले कि कितना समय हुआ है, कौन सा दिन है। मोबाइल और अन्य चीजों पर एक लगाम होनी चाहिए, अपना समय प्रोडक्टिव चीजों में लगे।
उन्होंने कहा आप सभी पढ़ाई के उस स्तर पर है यहां पर ध्यान देने की जरूरत है, यदि आप लापरवाही करते हैं तो आने वाला बहुत समय आपका खराब हो जाएगा। यदि आप किसी एक क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे हैं, आप बायोटेक्नोलॉजी में या मेडिकल में जा रहे हैं या किसी और क्षेत्र में जा रहे हैं, उसमें आपको अपनी स्किल पर काम करना पड़ेगा, यदि आप स्पोर्टस में, म्यूजिक में, एक्टिंग में या किसी और फील्ड में जायेंगे तो उसमें भी आपको स्किल पर काम करना पड़ेगा, तभी आप इन क्षेत्रों मे सफल हो सकते हैं।

