अविनाश द्विवेदी, कटनी ( मप्र ), NIT;
जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के उमरियापान सर्किल के तहसीलदार कार्यालय में लोकायुक्त की टीम ने एक भृत्य को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। यह पूरा मामला नामांतरण के प्रकरण से जुड़ा हुआ है। जिसमें हितग्राही से नामांतरण करने के लिये घूस की मांग की गई थी। यह भी ज्ञात हो कि पूरे मप्र में सिर्फ कटनी जिला ही ईमानदारी के मामले में प्रकाश में है जिसकी वाहवाही कलेक्टर विशेष गढ़पाले को मिल रही है जबकि उनके अधीनस्थ कर्मचारी ही हितग्राहियों से वसूली में लगे हुये हैं।
जानकारी के अनुसार धरवारा निवासी मनोज सोनी का नायब तहसीलदार कार्यालय उमरियापान में सत्र 2012 से नामांतरण का मामला चल रहा था। मामले का निराकरण करने में अधिकारी- कर्मचारी के द्वारा परेशान किया जाता हैं।पैसे की मांग की जाती थी। मामले का निपटारा कराने नायब तहसीलदार कार्यालय में पदस्थ भृत्य शारदा उर्फ देव डेहरिया से चार हजार रुपये के लेनदेन का सौदा हुआ। जिसके बाद मनोज का भाई शिवशंकर पिता मथुरा प्रसाद सोनी ने बीते सप्ताह जबलपुर लोकायुक्त में शिकायत की थीं।10 तारीख शुक्रवार को शिवशंकर सोनी ने भृत्य को दो हजार रुपये की रिश्वत दे दिया। मंगलवार को दो हजार रुपये देने की बात भृत्य से तय हुई थी। मंगलवार करीब तीन बजे लोकायुक्त की टीम उमरियापान पहुंची जो तहसील कार्यालय के आसपास ठहरी रही। जैसे ही शिवशंकर सोनी भृत्य देव डेहरिया को दो हजार रुपये दिया वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने भृत्य को रंगे हाथों पकड़ लिया और कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त की टीम में डीएसपी दिलीप झरवाड़े ,इंस्पेक्टर कमल सिंह उइके, ऑस्कर किंडो आरक्षक गोविंद सिंह, जीत सिंह और दिनेश दुबे शामिल रहे।
