मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर की आन, बान और शान को बरक़रार रखने, बुरहानपुर के नाम को विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए मुमताज़ महल फेस्टिवल के संस्थापक शहज़ादा मोहम्मद आसिफ़ ख़ान गौरी, अपनी पूरी एनर्जी और जुनूनी कैफियत के साथ बुरहानपुर में ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु आसिफ प्रोडक्शन (भारत) के तत्वाधान में पिछले 54 वर्षों से मुमताज़ फेस्टिवल का आयोजन 07 जून को करते आ रहे हैं। 2024 में आयोजन का 55 वा साल है। हालिया लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के परिप्रेक्ष्य में इस वर्ष एक दिवसीय आयोजन 10 जून 2024 को आयोजित किया जाना है।
इस आयोजन की जानकारी मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाने के लिए पत्रकार वार्ता का आयोजन एक निजी होटल में किया गया, जिसमें कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर वासिफ यार ने डॉक्टर जलील बुरहानपुरी और वसी उर रहमान स्टार वाला मुम्बई की मौजूदगी में 54 साला आयोजन की विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य कार्यक्रमों में सेमिनार, ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन के साथ एक अवॉर्ड फंक्शन, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर डॉक्टर वासिफ यार की पुस्तक मिट्टी डाल के हिंदी संस्करण का लोकार्पण समारोह भी रखा गया है। अवार्ड फंक्शन कार्यक्रम में पर्यटन को बढ़ावा देने वाले, शिक्षा,साहित्य, समाज सेवा सहित विभिन्न विधाओं और कलाओं में अपना योगदान देने वाले करीब 60 -70 पुरुष महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।
प्रतिवर्ष की परंपरा अनुसार इस वर्ष की 10 जून को शाम 5:00 बजे राजा जय सिंह की छतरी पर स्वधर्म प्रार्थना होगी, वहीं शाम 6:00 बजे आहू खाना के पास जैनाबाद में मुमताज़ महल की प्रथम अस्थाई कबर पर फूलों की चादर पेश की जाएगी। 10 जून की रात को एक विराट महान ऑल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन होगा, जिसमें मेहमान ए खुसूसी के तौर पर मेक्रो विज़न एकेडमी बुरहानपुर के संचालक डॉक्टर आनंद प्रकाश चौकसे एवं मुंबई से पिछले लगभग 90 वर्षों से प्रकाशित राष्ट्रीय उर्दू दैनिक रोज़नामा हिंदुस्तान मुम्बई के संपादक, खिलाफ़त हाउस कमेटी के अध्यक्ष, माया नाज़ सोशल वर्कर सरफराज़ आरज़ू शिरकत करेंगे।
मुशायरे में सन्देश महेश्वरी, उपेंद्र सिंह कीर, मंगलदास श्रॉफ मेहमान ए ज़ीवक़ार के तौर पर शरीक होंगे।एक महान कलाकार को ब्रांड एंबेसडर का ताज पहनाया जाएगा। मुशायरा में लगभग 16 अतिथि बैरूनी शायर और लगभग डेढ़ दर्जन स्थानीय शायर और कवि को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम की विशेषता यह है कि शहजाद आसिफ के आयोजन में उनके घर ईद के जैसा माहौल रहता है हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही डॉक्टर वासिफ यार ने स्पष्ट कर दिया कि मुमताज से उनकी कोई रिश्तेदारी नहीं है लेकिन अपने बुरहानपुर को विश्व पटेल पर स्थापित करने के लिए उनके पिता शहजादा आसिफ़ ख़ान गौरी द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है और आगे भी आयोजित किया जाता रहेगा। जिस प्रकार मुस्लिम समाज जन में ईद के त्यौहार की खुशी रहती है ठीक उसी तरह शहजादा आसिफ के घर परिवार वाले इस आयोजन के लिए ईद जैसा ही जतन करते हैं।
