आतिश दीपंकर, पटना ( बिहार ), NIT;
बिहार में एक वरिष्ठ पत्रकार की सरेआम हत्या ने नितीश सरकार की पोल खोल कर रख दी है। मुख्यमंत्री नितीश कुमार जहाँ शराब बंदी के बाद राज्य में सुशासन कायम होने का दावा करने से नहीं थक रहे हैं वहीं अब सरेआम पत्रकार की गोलियों से भून कर हत्या की वारदात ने उनके दावे पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड में कार्यरत वरिष्ठ संवाददाता ब्रज किशोर को अपराधियों ने शाम गोली मारकर हत्या कर दी। हलाकि यह घटना लगभग शाम छह बजे की बताई जा रही हैं, सवाल यहां यह उठती है की घटना के समय पुलिस कहां थी, जबकि शाम में हमेशा पुलिस गश्त रोड पर करती है, उसके बाद सरेआम पत्रकार की गोलियों से छलनी कर दी गई? हत्या के पीछे छुपी राज का खुलासा अब तक नही हो पाई है। सूत्रों का कहना है की मृतक ने कोई सच घटना की खबर प्रकाशित करवाई थी, जिससे तिलमिलाकर अपराधियों ने उनको सरेआम मौत की घाट उतार दिया। यह घटना काफी निंदनीय है।
लगातार पत्रकारों की हत्याएं हो रही हैं लेकिन सरकार उनको सुरक्षा मुहौया नहीं करा पा रही है। वही इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन बिहार के सदस्य विकास कुमार गुप्ता ने घटना की कड़ी शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि चाहे केंद्र सरकार हो या बिहार सरकार, बढ़ते हुए अपराध पर रोक नही लगा पा रही है। गरीबों की आवाज उठाने वाले पत्रकार को सुरक्षा देने में सरकार अगर सक्षम नही है तो उसे इस्तीफा दे देनी चाहिए। पत्रकार की हत्या की खबर मिलने पर पुरे देश के पत्रकारों के बीच आक्रोश व्याप्त हो गयी है, हलांकि घटना बाद घंटों तक स्थानीय पुलिस किसी भी तरह की सुराग या जानकारी नहीं लगा पाई है।
