रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

माहे रमजान के मुक़द्दस व पवित्र महीने में मुस्लिम बस्तियों में रौनक एवं मस्जिदों में काफी भीड़ उमड़ देखने को मिल रही है माहे रमज़ान के मुकद्दस महीने में रोजे नमाज और कुरान की तिलावत का दौर जारी है इसी के चलते समाज के मासूम बच्चे भी रोजे रख कर खुदा की इबादत में मशगूल हैं। तपती धूप की परवाह किये बिना नन्हें मुन्ने बच्चों ने रोजा रखा अल्लाह और उसके रसूल की रजा हासिल करने के लिए भुख-प्यास की शिद्दत बर्दाश्त की।

एनी फातिमा हीना वसीम मकरानी उम्र 07 वर्ष झाबुआ मारुति नगर के आहील खान असलम खान उम्र 07 वर्ष एवं लीजा फातिमा जावेद खान उम्र 07 वर्ष मारुति नगर झाबुआ इन्होंने रोजा रखने के साथ साथ मस्जिद जाकर नमाज आदा की। पहला रोजा रखने पर घर में खास पकवान बनाए गये खुदा और उसके रसूल की खुशी के लिए अपनी जिन्दगी का पहला रोज़ा रखा। ये बच्चे नमाज पढ़ने के साथ ही शाम को रोज़ा इफ्तार के दौरान अपने मनपसंद के लज़ीज़ खाने का लुत्फ उठाया। मम्मी पापा ने भी बच्चों की पसंद का पुरा पुरा ख़्याल रखा।
