अब्दुल वहीद काकर, धुले (महाराष्ट्र), NIT;
पूरे देश में जहां मोदी सरकार स्वच्छता अभियान छेड़े हुए हैं वहीं महाराष्ट्र के धुलिया शहर में मनपा महीनों नालों की सफाई न करके स्वच्छता अभियान को दरकिनार कर रही है।
शहर के कई नाले ऐसेे हैं जिनकी महीनों से सफाई नहीं हुई है। जिसके चलते उनमें मलबा भरा हुआ है। इसी वजह से कई बार गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है। कुछ वार्डों में ही सफाई व्यवस्था नजर आती है। जबकि ज्यादातर वार्ड ऐसे हैं जहां पर सफाई व्यवस्था की हालत बिगड़ गयी है।
मनपा वार्ड क्रमाक 35 में अस्वच्छता से मच्छरों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही हैं, जिससे नागरिक विविध प्रकार की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। वही नगर निगम का रवैया उदासीन दिखाई दे रहा हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड आदि बीमारियों पर नियंत्रण पाने की कोशिश नही की जा रही है ।नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं कराई जाती है और न ही समय पर कचरा संकलन करने कर्मी आते हैं। गंदा पानी परिसर में ही भरा हुआ हैं, जिसके कारण विविध प्रकार की बीमारियों को बढ़ावा देने वाले मच्छरों को रोकने कोई ठोस उपाय योजना नहीं की जा रही हैं । इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम दोनों उदासीन दिखाई दे रहे हैं। जिससे वार्ड परिसरों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया हैं। एक ओर शासन द्वारा स्वास्थ्य के प्रति स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा हैं, तो दूसरी ओर शहर में स्वच्छता की ओर अनदेखी की जा रही हैं. बारिश से जगह जगह गंदगी का आलम हैं। नागरिकों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया हैं। शहर में बच्चों के साथ युवक बुजुर्ग सभी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती ही जा रही हैं।मच्छरों पर नियंत्रण पाने तथा साफ़ सफाई अभियान और कचरा संकलन के लिए नगर पालिका को बड़े पैमाने पर निधि मिलती हैं लेकिन नियोजन के अभाव के चलते निधि का सदुपयोग नहीं हो रहा है। इस ओर मनपा आयुक्त ने ध्यान देकर कोई उपाय योजना कर मच्छरों दूषित जल जमाव तथा अस्वछता से शीघ्र छुटकारा दिलाने की मांग समीर पिंजारी, वसीम पिंजारी, शोएब शाह, अरबाज शाह, सोहेब खान, समीर शाह आदि नागरिकों द्वारा की जा रही है।
