मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
पलक महासंघ का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, शैक्षणिक जागरूकता, समाज एवं राष्ट्र निर्माण के साथ साथ पालकों की परेशानियां पर शासन एवं प्रशासन ध्यान आकर्षित करने के साथ प्रशासन व समाज के बीच में सेतु का काम करना भी पालक संघ का मुख्य उद्देश्य है। पालक महासंघ अपने शैक्षणिक, सामाजिक उद्देश्यों से उन प्रतिभाओं को भी सम्मानित करता है, जो अपने व्यावसायिक कर्त्तव्यों के साथ शैक्षणिक और सामाजिक नवाचार करते हैं। इस क्रम में पालक महासंघ द्वारा एक विशेष सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा को सेवा का माध्यम बनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का कार्य कर रहे स्टार चाइल्ड इंग्लिश स्कूल, वीरेंद्र कॉलोनी बुरहानपुर के संचालक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शेख हनीफ का सम्मान भी किया गया।
महासंघ पदाधिकारियों ने बताया कि आज जहाँ अनेक निजी विद्यालय शिक्षा को व्यवसाय बनाते हुए पुस्तकों एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री पर अत्यधिक कमीशन ले रहे हैं, वहीं स्टार चाइल्ड इंग्लिश स्कूल विद्यार्थियों को मात्र लगभग 3000 रुपये वार्षिक शुल्क में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। साथ ही लगभग 3000 से 4000 रुपये में मिलने वाली पुस्तकों का सेट विद्यार्थियों को करीब 1000 रुपये की वास्तविक लागत में उपलब्ध कराया जा रहा है, जो शिक्षा के प्रति विद्यालय प्रबंधन एवं संचालक की सेवा भावना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कम शुल्क होने के बावजूद विद्यालय में सुविधाओं की कोई कमी दिखाई नहीं देती। विद्यार्थियों के लिए आरओ का स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, कक्षाओं में कैमरों द्वारा निगरानी तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं। विद्यालय में अनुशासन, स्वच्छता एवं संस्कारों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
इस अवसर पर स्टार चाइल्ड इंग्लिश स्कूल के संचालक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शेख हनीफ ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि समाज में शैक्षणिक क्रांति, सामाजिक जागरूक एवं संस्कारित नागरिक तैयार करना है। विशेष रूप से मुस्लिम समाज के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़कर उन्हें नशे, गलत संगति एवं सामाजिक बुराइयों से दूर रखना उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा ही देश और समाज के भविष्य को मजबूत और ताकतवर बना सकते हैं।
पालक महासंघ ने इस पहल को शिक्षा, मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे विद्यालय और संचालक पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। महासंघ ने अन्य शिक्षण संस्थाओं से भी शिक्षा को व्यवसाय नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व मानकर कार्य करने की अपील की है।
कार्यक्रम में अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी, सरिता भगत, नंदकिशोर वाणे, विजय राठौड़, अता उल्लाह खान, राजकुमार बचवानी, राजीक हुसैन अंसारी, रियाज उल हक अंसारी, डॉक्टर युसूफ खान, देवचरण शर्मा, अरुण जोशी महाराज, अधिवक्ता भूपेंद्र जूनागढ़े भावसार, राजेश भगत आदि लोग उपस्थित रहे।

